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कर्नाटक के सीएम ने बर्खास्त किया अपना राजनीतिक सचिव, जानें क्या है Bengaluru Stampede से नाता

Bengaluru Stampede: कर्नाटक के मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव MLC के. गोविंदराज ने भगदड़ के बाद बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर का समर्थन किया था, जिन्हें बाद में सस्पेंड कर दिया गया था. गोविंदराज ने डिप्टी सीएम के RCB के जश्न में जाने पर भी सवाल उठाए थे. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इससे सिद्धरमैया नाखुश थे.

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कर्नाटक के सीएम ने बर्खास्त किया अपना राजनीतिक सचिव, जानें क्या है Bengaluru Stampede से नाता
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Bengaluru Stampede: बेंगलुरु में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (Royal Challengers Bengaluru) के चैंपियन बनने के जश्न में मची भगदड़ के बाद कार्रवाई का सिलसिला जारी है. कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया (Siddaramaiah) ने अपने राजनीतिक सचिव MLC के. गोविंदराज को उनकी इस भूमिका से बर्खास्त कर दिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीएम सिद्धरमैया एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर मची भगदड़ (Chinnaswamy Stadium Stampede) के बाद गोविंदराज की तरफ से दिए बयानों को लेकर नाखुश थे. गोविंदराज के पुलिस कमिश्नर का समर्थन करने और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार (DK Shivkumar) पर सवाल उठाने को सीएम ने 'दोगलापन' मानते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की है. 

बता दें कि Indian Premier League (IPL) में RCB के 18 साल बाद पहला खिताब जीतने पर मनाए गए जश्न में लाखों फैंस जुट गए थे, जिसमें भगदड़ मचने के कारण 11 लोगों की मौत हो गई थी और 47 लोग घायल हुए हैं. इसे लेकर कर्नाटक सरकार भी निशाने पर है, जिसके डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार भगदड़ के दौरान स्टेडियम के अंदर टीम के जश्न में शामिल थे.

क्या कहा गया है बर्खास्तगी के आदेश में
मुख्यमंत्री कार्यालय से के. गोविंदराज को राजनीतिक सचिव की जिम्मेदारी से हटाने का आदेश शुक्रवार को जारी किया गया. इस ऑफिशियल नोटिफिकेशन में लिखा,'के. गोविंदराज की मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव के तौर पर नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है. इसके तहत के. गोविंदराज को मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव की जिम्मेदारियों से तत्काल प्रभाव से मुक्त किया जा रहा है.'

भगदड़ को लेकर दिए बयान से नाराज थे सीएम
एनडीटीवी की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि बुधवार सुबह भगदड़ से पहले मुख्यमंत्री आवास पर जश्न के आयोजन को लेकर मीटिंग हुई थी. इस मीटिंग में के. गोविंदराज ने पुलिस कमिश्नर के विरोध के बावजूद RCB को जश्न मनाने की इजाजत देने का दबाव बनाया था. इसके उलट भगदड़ के बाद मीडिया को दिए उनके बयान बिल्कुल उलट थे. जब गोविंदराज से मीडिया ने पूछा कि मुख्यमंत्री को विधान सौधा (विधानसभा) में समारोह में शामिल होने की सलाह किसने दी थी, तो उन्होंने जवाब दिया कि उन्होंने मुख्यमंत्री को उस इवेंट में शामिल नहीं होने की सलाह दी थी. सूत्रों ने कहा कि यह बयान मीडिया रिपोर्ट्स में गोविंदराज के हवाले से छापा गया है. हालांकि गोविंदराज ने दावा किया था कि न्यूजपेपर ने उनका गलत बयान छापा है.

'दोगलेपन' से नाखुश हुए मुख्यमंत्री
सूत्रों ने कहा कि मुख्यमंत्री अपने राजनीतिक सचिव के इस दोगलेपन से नाखुश थे. उन्होंने (गोविंदराज) पुलिस को भगदड़ मामले में पकड़े गए कुछ बड़े लोगों पर नरमी बरतने के लिए भी कहा. यही सब उनके निष्कासन के पीछे का कारण बताया जा रहा है.

अब तक हो चुकी है भगदड़ मामले में ये कार्रवाई
मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर बी. दयानंद और चार अन्य सीनियर पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है.
कर्नाटक पुलिस ने RCB के मार्केटिंग हेड निखिल सोसाले समेत 4 लोगों को इस मामले में दर्ज FIR के बाद गिरफ्तार किया है.
कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन के महासचिव और कोषाध्यक्ष की इस मामले में तलाश की जा रही है, जो अभी फरार हैं.

भाजपा ने उठाए हैं पुलिस की मर्जी के खिलाफ आयोजन पर सवाल
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजेंद्र ने पुलिस की मर्जी के खिलाफ आयोजन की इजाजत देने को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा,'सरकार में कौन था, जिसने इजाजत दी? विधान सौधा के करीब लाखों RCB फैंस जमा हुए, इसकी इजाजत किसने दी? चिन्नास्वामी स्टेडियम के लिए भी कोई इजाजत नहीं थी और FIR से स्पष्ट है कि यह इवेंट गैरकानूनी था. इसके बावजूद डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार चिन्नास्वामी स्टेडियम क्यों गए और जश्न में क्यों शिरकत की? क्यों उन्होंने ट्रॉफी को थामा और उसे किस किया?

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