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Russia-Ukraine Crisis: यूक्रेन संकट से बढ़ी बीयर कंपनियों की टेंशन, कैसे दूर होगी परेशानी? 

रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध जैसे हालात बन गए हैं. रूस ने यूक्रेन के कुछ इलाकों को अलग देश की मान्यता दे दी है. वैश्विक स्तर पर इसे लेकर तनाव बढ़ गया है.

Russia-Ukraine Crisis: यूक्रेन संकट से बढ़ी बीयर कंपनियों की टेंशन, कैसे दूर होगी परेशानी? 

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डीएनए हिंदीः गर्मियों का मौसम शुरू होने को है. इस सीजन का खास तौर पर बीयर कंपनियों (Beer Companies) को इंतजार रहता है क्योंकि इसी सीजन में उसकी सेल सबसे अधिक होती है. बीयर कंपनियां गर्मियों को लेकर उत्साहित थी लेकिन रूस-यूक्रेन विवाद (Russia-Ukraine Crisis) ने उन्हें टेंशन में डाल दिया है. इन कंपनियों को अपनी सप्लाई चेन बाधित होने की आशंका लग रही है.

कंपनियों पर क्या होगा असर? 
दरअसल रूस और यूक्रेन दोनों ही देश गेहूं (Wheat), जौ (Barley) जैसी फसलों के सबसे बड़े उत्पादकों में से हैं. रूस दुनिया का सबसे बड़ा गेहूं उत्पादक देश है. निर्यात के मामले में भी वह नंबर एक पर है जबकि गेहूं के निर्यात में यूक्रेन चौथे नंबर पर है. ग्लोबल एक्सपोर्ट में अकेले इन देशों की हिस्सेदारी 25 फीसदी है. वहीं जौ के मामले में भी इन दोनों  की गिनती Top 5 एक्सपोर्टर्स में होती है. बीयर (Beer) बनाने में सबसे ज्यादा जौ का इस्तेमाल होता है. इसी तरह बियर बनाने में गेहूं का भी जमकर यूज होता है. रूस और यूक्रेन के तनाव के चलते जौ-गेहूं की वैश्विक आपूर्ति में बाधा न आ जाए, बीयर कंपनियों को यही आशंका खाए जा रही है.

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कच्चे माल का दाम बढ़ने का डर 
इकोनॉमिक्स टाइम्स में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक रूस-यूक्रेन संकट बीयर इंडस्ट्री के मार्जिन को कम कर सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक जौ की कीमतें पहले ही बढ़ चुकी हैं. शॉर्ट एंड मीडियम टर्म में निश्चित तौर पर जौ की वैश्विक कीमतों पर यूक्रेन का असर होने वाला है. अभी यह देखा जाना बाकी है कि इस असर को कम करने के लिए बीयर कंपनियां तुरंत रिएक्ट करती हैं और दाम बढ़ाने का निर्णय करती हैं या नहीं. बेवरेज बिजनेस से जुड़े कारोबारियों के मुताबिक इस सेगमेंट से जुड़ी किसी भी कंपनी के लिए 2022 का रूस-यूक्रेन संकट अप्रत्याशित झटका दे सकता है.

मार्च से जुलाई तक सबसे ज्यादा सेल
भारत में बीयर की बिक्री की बात करें तो मार्च से जुलाई के दौरान ही 40 से 45 फीसदी बीयर की बिक्री होती है. बीयर कंपनियों का अनुमान था कि कोरोना के कारण लगातार 2 सीजन खराब होने के बाद इस साल उनकी बिक्री सालाना आधार पर 40 फीसदी बढ़ सकती है. कोरोना के मामले कम होने के कारण रेस्तरां, बार और क्लब आदि दोबारा खुलने लगे हैं. पर्यटन क्षेत्र भी धीरे-धीरे पटरी पर आने लगा है. इसे लेकर यह इंडस्ट्री खासी उत्साहित है.  

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