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Balakot Air Strike: तीन साल पहले IAF ने दिखाया था शौर्य, Pak के आतंकी कैंपों में मचाई थी तबाही

26 फरवरी की सुबह भारतीय एयरफोर्स के जवानों ने पाकिस्तान में आतंकियों के कैंप तबाह कर पुलवामा अटैक का बदला लिया था.

Balakot Air Strike: तीन साल पहले IAF ने दिखाया था शौर्य, Pak के आतंकी कैंपों में मचाई थी तबाही
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डीएनए हिंदी: आज बालाकोट एयर स्ट्राइक (Balakot Air Strike)  के तीन साल पूरे हो गए हैं. 14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के हमले (Pulwama Attack) का बदला लेते हुए तीन साल पहले आज ही भारतीय वायुसेना के जवानों ने पाकिस्तान (Pakistan) के बालाकोट इलाके में एयर स्ट्राइक की थी ओर वहां बने आतंकी कैंपों को खात्मा किया था. इस मौके पर आज देश एक बार फिर उस शौर्य को याद कर गौरवान्वित है. इस मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Aditiyanath) ने वायुसेना की वीरता को सलाम किया है. 

योगी आदित्यनाथ ने किया ट्वीट 

बालाकोट एयर स्ट्राइक के आदित्यनाथ ने ट्विटर पर कहा, “बालाकोट एयर स्ट्राइक' की तीसरी बरसी पर 'भारतीय वायुसेना' की असाधारण वीरता को सलाम. , जिसे हमेशा गर्व के साथ याद किया जाएगा. जय हिंद!" गौरतलब है कि पुलवामा हमले के बाद ही पीएम मोदी (Narendra Modi) ने कहा था कि 40 जवानों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी और दुश्मनों की इसकी कीमत चुकानी होगी जिसका परिणाम ही बालाकोट एयर स्ट्राइक थी.

आपकों बता दें कि 14 फरवरी को 2019 को पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) ने दक्षिण कश्मीर में पुलवामा के पास जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग पर सीआरपीएफ के काफिले को निशाना बनाया, जिसमें 40 सीपीआरएफ कर्मियों की मौत हो गई. इसके कुछ दिनों बाद भारतीय वायुसेना (IAF) ने पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बालाकोट में एक (JeM) शिविर पर हवाई हमला किया था और पाक स्थित आतंकी कैंपों का खात्मा कर दिया था.

अभिनंदन की रोमांचक वतन वापसी

आपको बता दें की बालाकोट हमले के बाद हवाई नूराकुश्ती के दौरान डॉगफाइट भारतीय विंग कमांडर अभिनंदन वर्थमान मिग -21 बाइसन लड़ाकू विमान उड़ाते हुए और पाकिस्तानी जेट का पीछा करते हुए, पीओके पार कर गए थे. पाक विमान ने उनके विमान को मार गिराया गया था. इसके बाद पाकिस्तान ने उन्हें हिरासत में ले लिया था. भारत ने एक पाकिस्तानी फाइटर जेट को भी मार गिराया. 

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खास बात यह है कि अभिनंदन को हिरासत में लेने के बाद पाकिस्तान भारत पर दबाव बनाने की नीति पर चल रहा था लेकिन भारत की वैश्विक कूटनीति के कारण उसे झुकना पड़ा और 48 घंटे से भी कम समय में अभिनंदन की वतन वापसी हो गई थी. 

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