Advertisement

Azaan Row: क्या मुंबई में ज्यादातर मस्जिदों ने बंद कर दी सुबह की अजान?

Loudspeaker Controversy: ज़ी मीडिया को मुंबई पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मुंबई में 72% मस्जिदों ने सुबह की अजान बंद कर दी है.

Azaan Row: क्या मुंबई में ज्यादातर मस्जिदों ने बंद कर दी सुबह की अजान?

Azaan

Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिंदी: पूरे देश में इस समय लाउडस्पीकरों पर अजान को लेकर जबरदस्त विवाद चल रहा है. इस बीच मुंबई पुलिस सूत्रों ने यह दावा किया है कि मुंबई में करीब 72 फीसदी मस्जिदों ने सुबह की अजान को खुद ही बंद कर दिया है.

रामदास आठवले मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने की मांग के समर्थन में नहीं

केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने मंगलवार को कहा कि उनकी पार्टी आरपीआई (ए) मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने की मनसे प्रमुख राज ठाकरे की मांग का समर्थन नहीं करती है. आठवले ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में यह भी दावा किया कि यहां तक कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भी इस मुद्दे पर राज ठाकरे का समर्थन नहीं करती है.

यह भी पढ़ें- Pakistan की यह मंत्री शपथ लेते ही फिर सुर्खियों में आ गई हैं, भारत में भी है तगड़ी फैन फॉलोइंग

उनकी रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) केंद्र में भाजपा नीत सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का हिस्सा है. केंद्रीय मंत्री ने कहा, "यदि वह (मनसे) लाउडस्पीकर का इस्तेमाल करना चाहती है तो वह कर सकती है, लेकिन हम मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने की मांग का विरोध करते हैं. यहां तक कि (शिवसेना संस्थापक) बाला साहब ठाकरे भी ऐसी मांग के विरुद्ध थे. मुझे लगता है कि धर्मों के बीच ऐसी खाई नहीं खोदी जानी चाहिए."

यह भी पढ़ें- Delhi Violence: जहांगीरपुरी हिंसा में एक ही घर के 5 सदस्य गिरफ्तार, सामने आया परिवार का रिएक्शन

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने अजान के लिए मस्जिदों में लाउडस्पीकर इस्तेमाल किए जाने का विरोध किया है. उन्होंने महाराष्ट्र सरकार से तीन मई तक मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटवाने को कहा है और चेतावनी दी है कि ऐसा न होने पर उनकी पार्टी मस्जिदों के सामने हनुमान चालीसा बजाएगी. आठवले ने कहा, "भाजपा ने ऐसा कोई रुख नहीं अपनाया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘सबका साथ, सबका विकास’ में यकीन करते हैं और भाजपा द्वारा ऐसा कोई रुख अपनाए जाने की संभावना नहीं है. यह राज ठाकरे का एजेंडा है."

गूगल पर हमारे पेज को फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें. हमसे जुड़ने के लिए हमारे फेसबुक पेज पर आएं और डीएनए हिंदी को ट्विटर पर फॉलो करे.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement