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'राहुल गांधी के खिलाफ ऐसी भाषा', सिंधिया और आजाद को नसीहत क्यों दे रहे हैं अशोक गहलोत?

सीएम अशोक गहलोत ने कहा है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया और गुलाम नबी आजाद को लेकर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया है.

'राहुल गांधी के खिलाफ ऐसी भाषा', सिंधिया और आजाद को नसीहत क्यों दे रहे हैं अशोक गहलोत?

कांग्रेस नेता राहुल गांधी. (फोटो- Twitter/Congress)

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डीएनए हिंदी: राजस्थान (Rajasthan) के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने कांग्रेस के पूर्व भरोसेमंद सिपाहियों में शुमार रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया और गुलाम नबी आजाद को जमकर फटकारा है. अशोक गहलोत ने कहा कि उनसे राहुल गांधी के खिलाफ ऐसी निम्नस्तरीय भाषा के इस्तेमाल की उम्मीद नहीं थी.

अशोक गहलोत ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता थक चुके हैं क्योंकि राहुल गांधी इतने हमलों के बावजूद जनता की आवाज उठाने से पीछे नहीं हटे हैं. उन्होंने बीजेपी नेताओं को फटकार लगाई है. 

'फासीवादी विचारधारा के साथ खड़े सिंधिया-गुलामनबी आजाद'

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा, 'इसलिए कांग्रेस से गए इन नेताओं को काम दिया गया है. ये सब जिंदगीभर जिस विचारधारा से लड़ने की कसमें खाते थे आज BJP नेताओं के इशारे पर उसी फासीवादी विचारधारा के साथ खड़े हो गए हैं.'

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ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार को राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया, 'कांग्रेस के पास कोई विचारधारा नहीं बची है. इस कांग्रेस के पास अब केवल एक विचारधारा बची है जो देशद्रोही की है, एक विचारधारा जो देश के खिलाफ काम करती है.'

क्यों ज्योतिरादित्य और गुलाम नबी आजाद पर भड़के हैं अशोक गहलोत? 

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मोदी सरनेम केस में राहुल गांधी को मिली सजा को लेकर राहुल गांधी को विशेष सुविधा देने के लिए कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने पार्टी पर न्यायपालिका पर दबाव बनाने और प्रासंगिक बने रहने के लिए हर संभव प्रयास करने का आरोप लगाया. 

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वहीं, गुलाम नबी आजाद ने कहा था कि राहुल गांधी प्राथमिक कारण हैं कि वह और कई अन्य आज कांग्रेस में नहीं हैं और दावा किया कि किसी को भी कांग्रेस में बने रहने के लिए रीढ़हीन होना चाहिए. (इनपुट: भाषा)

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