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Artificial Rain in Delhi: दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि मौसम विभाग की अनुमति मिलते ही, दिवाली के एक दिन बाद, राष्ट्रीय राजधानी के एक निर्दिष्ट क्षेत्र में क्लाउड सीडिंग के माध्यम से कृत्रिम वर्षा कराई जाएगी.
Cloud Seeding in Delhi: दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बुधवार को बताया कि मौसम विभाग की अनुमति मिलते ही, संभवतः दिवाली के एक दिन बाद, राष्ट्रीय राजधानी के एक निर्दिष्ट क्षेत्र में क्लाउड सीडिंग के माध्यम से कृत्रिम वर्षा कराई जाएगी. एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए सिरसा ने कहा कि दिल्ली सरकार के पास क्लाउड सीडिंग के लिए आवश्यक 'सब कुछ' मौजूद है. क्लाउड सीडिंग और प्रदूषण पर अपना पक्ष रखते हुए सिरसा ने कहा कि, जब मौसम विभाग अगले 2-3 दिनों में हमें हरी झंडी दे देगा, तो ब्लास्टिंग/स्प्रे के बाद क्लाउड सीडिंग का एक नमूना लिया जाएगा. हम जल्द ही बादलों के आने का इंतज़ार कर रहे हैं.
सिरसा के अनुसार, दिवाली के अगले दिन या उसके अगले दिन, जब भी मौसम विभाग हमें अनुमति देगा, हम ऐसा करेंगे. जब भी वे हमें अनुमति देंगे, हम एक विमान लेंगे और तीन घंटे के भीतर उड़ान भरने की अनुमति प्राप्त कर लेंगे. क्लाउड सीडिंग के लिए हमें जो कुछ भी चाहिए, वह सब हमारे पास पहले से ही मौजूद है.'
उन्होंने बताया कि चार दिनों के परीक्षण के दौरान दो पायलटों ने पहले ही क्षेत्र से खुद को परिचित कर लिया है. मीडिया से मुखातिब सिरसा ने यह भी कहा कि, 'क्लाउड सीडिंग के संबंध में, हमारे पास सभी आवश्यकअनुमतियां हैं और हमने अपने पायलटों को पहले ही प्रशिक्षित कर लिया है.
इस विमान के दोनों पायलटों ने उस क्षेत्र के ऊपर परीक्षण किया जहां परीक्षण किया जाना है. इस परीक्षण में, उन्होंने क्षेत्र और विमान से खुद को परिचित किया. यह पूरी प्रशिक्षण प्रक्रिया पिछले चार दिनों से चल रही है और अब तक सफल रही है.
बता दें कि यह घोषणा दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा कुछ महीने पहले दिए गए उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि राष्ट्रीय राजधानी में क्लाउड सीडिंग तकनीक की मदद से 'बहुत जल्द' पहली कृत्रिम बारिश होगी. क्लाउड सीडिंग और कृत्रिम बारिश के लिए, एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में आईआईटी कानपुर के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर कि गए थे.
गौरतलब है कि दिल्ली वर्षों से वायु प्रदूषण से जूझ रही है, और सरकारें क्लाउड सीडिंग तकनीक, जो एक मौसम परिवर्तन विधि है, के प्रयोग के माध्यम से इसे कम करने पर चर्चा कर रही हैं. इससे पहले मई में, दिल्ली कैबिनेट ने प्रदूषण कम करने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में क्लाउड सीडिंग, जिसे कृत्रिम बारिश भी कहा जाता है, करने का एक ऐतिहासिक निर्णय पारित किया था.
दिल्ली में प्रदूषण एक गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI)अक्सर बेहद ख़राब स्तर पर पहुंच जाता है. हालांकि इस समस्या के समाधान के लिए पहले भी कई परियोजनाएं शुरू की गई हैं, लेकिन इनमें से किसी ने भी दिल्ली की प्रदूषण समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला है.