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Anna University Rape Case: 'दोषी को मिलेगी अधिकतम सजा' कोर्ट ने अन्ना यूनिवर्सिटी में रेप के आरोपी को सभी 11 आरोपों में घोषित किया दोषी 

Anna University Sex Assault Case: चेन्नई की अन्ना यूनिवर्सिटी के कैंपस में 19 साल की लड़की के साथ दुष्कर्म किया गया था, जिसे लेकर पूरे देश में हंगामा मचा था. इस केस में कोर्ट ने लगातार सुनवाई करने के बाद आरोपी को दोषी घोषित कर दिया है. अब उसे 2 जून को सजा सुनाई जाएगी.

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Anna University Rape Case: 'दोषी को मिलेगी अधिकतम सजा' कोर्ट ने अन्ना यूनिवर्सिटी में रेप के आरोपी को सभी 11 आरोपों में घोषित किया दोषी 

सांकेतिक चित्र

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Anna University Sex Assault Case: चेन्नई की अन्ना यूनिवर्सिटी के कैंपस में 19 साल की छात्रा को हवस का शिकार बनाने वाले बिरयानी वेंडर पर दोष साबित हो गया है. महिला कोर्ट ने करीब 5 महीने लंबे ट्रायल के बाद बुधवार को आरोपी गणनाशेखरन को सभी 11 आरोपों का दोषी घोषित कर दिया है. अब आरोपी को 2 जून को सजा सुनाई जाएगी. मामले की सुनवाई कर रही जज राजलक्ष्मी ने कहा है कि आरोपी पर लगे सभी आरोप साबित हो गए हैं, इसके चलते उसे अधिकतम सजा सुनाई जाएगी. हालांकि आरोपी के वकील ने उसकी बूढ़ी मां और 8 साल की बच्ची का हवाला देते हुए कम से कम सजा दिए जाने की अपील की है. आरोपी पर पुलिस ने यौन हमले, यौन उत्पीड़न, दुष्कर्म, धमकी देना, अपहरण करना और IT Act के कई प्रावधानों के तहत चार्जशीट दाखिल की थी. पिछले साल दिसंबर में हुई इस घटना के बाद पूरे देश में हंगामा मच गया था. इसे लेकर राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया था, जिसके चलते इस केस को बेहद चर्चा मिली थी. पूरे देश में इस मामले में आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की गई थी.

रेप करते समय ब्लैकमेल करने के लिए बनाई थी वीडियो
आरोपी गणनाशेखरन ने पिछले साल दिसंबर में एक टीनएजर लड़की के दोस्त पर हमला किया था. इसके बाद उसने लड़की के साथ यूनिवर्सिटी कैंपस में ही जबरन दुष्कर्म किया था. साथ ही दुष्कर्म करते हुए वीडियो भी बना ली थी. उसका मकसद पीड़िता को बाद में ब्लैकमेल करना था, लेकिन 23 दिसंबर को उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. पुलिस ने उसके खिलाफ 100 पेज की चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें 29 लोगों ने आरोपी के खिलाफ गवाही दी थी.

चोरी के भी कई मामलों में शामिल मिला था आरोपी
पुलिस ने जांच के दौरान इस बात के भी सबूत जुटाए थे कि आरोपी चोरी के भी कई मामलों में शामिल था. उसके कब्जे से पुलिस को 100 से ज्यादा सोने की मुद्राएं और एक लग्जरी SUV भी जब्त की थी. सूत्रों के मुताबिक, गणनाशेखरन ने चेन्नई के कई घरों में लूटपाट की बात स्वीकार की थी. इस केस के दौरान तमिलनाडु में राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया था, क्योंकि विपक्षी दल AIADMK ने DMK सरकार के शासन में महिलाओं की सुरक्षा और कानून व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ने का आरोप लगाया था. अन्य विपक्षी दल भाजपा के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने आरोपी के DMK पार्टी के साथ संबंध होने का आरोप लगाया था और एक तस्वीर भी पेश की थी, जिसमें आरोपी और तमिलनाडु के डिप्टी सीएम उदयनिधि स्टालिन (Udhayanidhi Stalin) एक साथ खड़े दिखाई दे रहे थे. उदयनिधि स्टालिन राज्य के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे हैं. अन्नामलाई ने आरोपी गणनाशेखरन को डीएमके का सदस्य बताया था. हालांकि मुख्यमंत्री स्टालिन ने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि आरोपी उनकी पार्टी का मेंबर नहीं है.

पीड़िता की पहचान सार्वजनिक होने पर नाराज हुई थी कोर्ट
इस मामले में FIR का ब्योरा लीक होने से पीड़िता की पहचान सार्वजनिक होने पर भी कोर्ट नाराज हो गई थी. भारतीय कानून में यौन हमले की पीड़िता की पहचान सार्वजनिक नहीं किए जाने का प्रावधान है. पुलिस ने इसके लिए केंद्रीय स्तर पर प्रशासित की जा रही पुलिस वेबसाइट को जिम्मेदार ठहराया था. कोर्ट ने इसके बाद केवल महिला अधिकारियों की एक SIT गठित की थी, जिसे दुष्कर्म के साथ ही पीड़िता की जानकारी लीक होने के मामले की भी जांच का आदेश दया गया था. साथ ही पीड़िता को तत्काल मुआवजे के तौर पर 25 लाख रुपये जारी किए जाने का भी आदेश सरकार को दिया था.

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