भारत
14 वर्षीय आकाश पाटनी अहमदाबाद में अपने परिवार की सड़क किनारे चाय की दुकान में सो रहा था, तभी दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी, जब लंदन जा रहा एयर इंडिया का विमान पास के मेडिकल हॉस्टल से टकरा गया.
अहमदाबाद में अपने परिवार की चाय की दुकान के पास एक पेड़ के नीचे सो रहे 14 वर्षीय लड़के की उस समय मौत हो गई जब गुरुवार को एयर इंडिया का विमान उड़ान भरने के बाद पास में ही स्थित रेजिडेंट डॉक्टर्स हॉस्टल पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस हादसे में उसकी मां बच गई, लेकिन उसे जलने के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया. पीड़ित आकाश पाटनी, बीजे मेडिकल कॉलेज हॉस्टल बिल्डिंग के पास चाय की दुकान में सो रहा था, जहां अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद लंदन जाने वाला विमान आग के गोले में बदल गया.
उसकी मां सीताबेन ने अपने बेटे को आग और मलबे से बचाने की असफल कोशिश की और उसे जलने के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया. एक वीडियो में सीताबेन को भीषण आग और काले धुएं के घने गुबार के बीच भागते हुए दिखाया गया है, जबकि दहशत में लोग अपनी जान बचाने के लिए भाग रहे हैं.
अहमदाबाद के सिविल अस्पताल के आईसीयू में भर्ती सीताबेन ने कहा कि उन्होंने विमान को नहीं देखा, लेकिन एक जोरदार विस्फोट सुना और काले धुएं का गुबार देखा.
महिला के मुताबिक,'विमान (हमारी चाय की दुकान) के पीछे दुर्घटनाग्रस्त हुआ और एक जोरदार आवाज हुई. भीषण आग लग गई। कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था. मेरा बेटा दुकान के अंदर सो रहा था और उसकी मौत हो गई.'
पीड़ित के पिता सुरेश कुमार, जो इस त्रासदी में बच गए, ने विमान दुर्घटना और अपने बेटे की मौत के लिए जिम्मेदार परिस्थितियों को याद किया. लड़के के पिता के मुताबिक, 'मेरा बेटा और मैं घर पर थे और मेरी पत्नी चाय की दुकान पर थी. वह मेरी पत्नी को खाना देने गया था. उसने अपनी मां को खाना खिलाया और दुकान पर ही सो गया. अचानक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया और हमारी दुकान के पास भीषण आग लग गई. मेरी पत्नी बच गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है.'
सुरेश ने बताया कि वह और उनका परिवार आकाश की तलाश कर रहे थे, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने बताया कि उसका शव शवगृह में रखा हुआ है.
गौरतलब है कि एयर इंडिया का विमान, बोइंग 787 ड्रीमलाइनर गुरुवार को दोपहर 1.39 बजे अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के बाद लंदन के गैटविक हवाई अड्डे के लिए जा रहा था. विमान तेजी से नीचे उतरने से पहले 625 फीट ऊपर गया और फिर बीजे मेडिकल कॉलेज और छात्रावास में दुर्घटनाग्रस्त हो गया.
दुर्घटना में 265 लोग मारे गए, जिनमें विमान में सवार 241 यात्री शामिल थे, और केवल एक भारतीय मूल का ब्रिटिश नागरिक बचा, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है. अहमदाबाद की यह त्रासदी एक दशक में दुनिया की सबसे खराब विमानन दुर्घटनाओं में से एक है.