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रईश खान | Dec 11, 2025, 11:43 PM IST
1.दक्षिणी चीन सागर सफर करने से कांपते थे लोग

लेकिन अगर सबसे ताकतवर समुद्री लुटेरी यानी महिला डाकू की बात की जाए 'जेंग ये सो' थी. जिसे 'शी येंग' के नाम से भी जाना जाता था. जेंग का नाम सुनकर दक्षिणी चीन सागर में सफर करने वाले कांप जाया करते थे.
2.लुटेरों की सम्राज्ञी कहा जाता था

'जेंग ये सो' को समुद्री लुटेरों की दुनिया की सम्राज्ञी भी कहा जाता था. उनका जन्म 1775 में चीन के तटीय इलाके ग्वांग्डोंग में हुआ था. ग्वांग्डोंग के इलाका सबसे पिछड़ा माना जाता था, जहां दो वक्त की रोटी के लिए भी लोग तरसते थे.
3.घर की माली हालत ने सेक्स वर्कर बनाया

शी येंग 8 साल की थी जब उसे वेश्यवृति के धंधे में धकेल दिया गया. उस दौरान समुद्र में झेंग यी नाम के डाकू का दबदबा था. जो चिंग और ग्वेन आन साम्राज्यों के खिलाफ लड़ रहा था. उसके ग्रुप के कुछ लोग शी येंग के वेश्यालय में आते थे.
4.डाकुओं से लेती थी अहम जानकारी

जिनसे शी येंग की बहुत नजदीकियां हो गईं. वह डाकू, शी येंग को समुद्र में लूट की अहम जानकारियां देते थे. जिनको शी येंग अपने जहन में बिठाती गईं और धीरे-धीरे इन जानकारियों को उन लोगों को बेचना शुरू कर दिया जो उनके बदले बारी पैसा देते थे.
5.सबसे मशहूर डाकू से की शादी

इस तरह कुछ समय बाद शी येंग काफी दौलतमंद बन गईं. फिर एक दिन शी की मुलाकात समुद्र के मशहूर डाकू झेंग यी से हुई. जिसने येंग के सामने शादी का प्रस्ताव रखा. झेंग ने 26 साल की शी येंग से हमेशा जीती हुई संपत्ति का आधा हिस्सा देने का वादा किया. जो उन्होंने पंसद आया और शादी के लिए हां कर दिया.
6.डाकुओं का बनाया मजबूत ग्रुप

1802 में झेंग यी के रिश्तेदार को ग्लेन साम्राज्य ने मार गिराया. जिसके बाद झेंग यी ने अपने रिश्तेदार की डाकुओं की सेना अपने में मिला ली. इससे उसका ग्रुप और मजबूत हो गया. वहीं, शी येंग ने देह व्यापार के दौरान बनाए अपने संबंधों का फायदा उठाकर दक्षिण चीन सागर के सभी डाकुओं के ग्रुप को एक महासंघ में जोड़ लिया.
7.80,000 समुद्री डाकुओं के साथ चलता था काफिला

शी येंग के इस कदम से झेंग यी 80,000 समुद्री डाकुओं और 18,00 जहाजों वाले रेड फ्लैग समूह के ताकतवर पाइरेट लीडर बन गए. जिनकी बात हर ओर सुने जाने लगी. लेकिन पांच साल बाद 1807 में झेंग की मौत हो गई. इसके बाद शी येंग ने झेंग यी के गोद लिए बेटे झांग बाओ को सरदार बना दिया. लेकिन असल में वो येंग का कठपुतली था.
8.जान बचाती फिरती थी चीनी सेना

झांग बाओ के हर आदेश के पीछे उसकी सौतेली मां शी येंग का हाथ होता था. येंग के आदेश का जो भी नाफरमानी करता उसका कान काट दिया जाता या नंगा दौड़ाकर मार दिया जाता था. 1808 में शी येंग के नेतृत्व में रेड फ्लैड समूह ने चीनी जनरल लिन गुओलियांग के जहाजों पर हमला किया और 35 युद्धपोत नेस्तानाबूद कर दिया. चीनी सेना को जान बचाकर भागना पड़ा.