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भारत का यह राज्य 1947 में नहीं 1961 में हुआ था आजाद, बेहद रोमांचक है इसके पीछे की कहानी

15 अगस्त 1947 को भारत को ब्रिटिश शासन से आजादी मिली; पर उस वक्त दो राज्य ऐसे थे जो भारत के अभिन्न अंग नहीं थे, जबकि वे आज भारत में शामिल हैं. दोनों राज्यों की आजादी की कहानी भारत के इतिहास में अनोखी और प्रेरणादायक है. 

राजा राम | Jul 19, 2025, 03:46 PM IST

1.दो राज्य ऐसे थे जो भारत के अभिन्न अंग नहीं थे

दो राज्य ऐसे थे जो भारत के अभिन्न अंग नहीं थे
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15 अगस्त 1947 को भारत ने अंग्रेजों की गुलामी से आजादी हासिल की, लेकिन दो राज्य इस ऐतिहासिक दिन का हिस्सा नहीं बन सके. गोवा और सिक्किम, ये दो क्षेत्र उस समय भारत का हिस्सा नहीं थे. गोवा पर पुर्तगालियों का कब्जा था, जबकि सिक्किम में नामग्याल राजवंश का शासन चल रहा था.
 

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2.पुर्तगालियों ने गोवा को भारत को सौंपने से मना कर दिया

पुर्तगालियों ने गोवा को भारत को सौंपने से मना कर दिया
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इन दोनों राज्यों की आजादी की कहानी बेहद रोमांचक और प्रेरणादायक है. गोवा की कहानी 1510 से शुरू होती है, जब पुर्तगालियों ने इस खूबसूरत तटीय क्षेत्र पर कब्जा कर लिया था. लगभग 450 साल तक उन्होंने गोवा पर राज किया. भारत के आजाद होने के बाद भी पुर्तगालियों ने गोवा को भारत को सौंपने से मना कर दिया.
 

3.भारत ने 'ऑपरेशन विजय' शुरू किया.

भारत ने 'ऑपरेशन विजय' शुरू किया.
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यह उनके लिए एक महत्वपूर्ण उपनिवेश था, जिसे वे आसानी से छोड़ना नहीं चाहते थे. भारत सरकार ने गोवा को आजाद कराने के लिए कई बार पुर्तगाल से बातचीत की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला. आखिरकार, 1961 में भारत ने 'ऑपरेशन विजय' शुरू किया. इस सैन्य अभियान के जरिए भारतीय सेना ने गोवा को पुर्तगाली शासन से मुक्त कराया. 19 दिसंबर 1961 को गोवा आधिकारिक रूप से भारत का हिस्सा बना.
 

4.न तो मुगलों का शासन रहा और न ही अंग्रेजों का

न तो मुगलों का शासन रहा और न ही अंग्रेजों का
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गोवा की एक खास बात यह है कि यह भारत का इकलौता ऐसा क्षेत्र है, जहां न तो मुगलों का शासन रहा और न ही अंग्रेजों का. पुर्तगालियों ने अपने शासनकाल में किसी भी बाहरी ताकत को गोवा में पैर जमाने नहीं दिया. यह ऐतिहासिक तथ्य गोवा को और भी खास बनाता है. 
 

5.भारत में विलय की शर्त को ठुकरा दिया

भारत में विलय की शर्त को ठुकरा दिया
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दूसरी ओर, सिक्किम की कहानी भी कम रोचक नहीं है. 1947 में जब भारत आजाद हुआ, तब सिक्किम में नामग्याल राजवंश का शासन था. सिक्किम के शासक ने भारत में विलय की शर्त को ठुकरा दिया था, जिसके कारण सिक्किम स्वतंत्र रहा.हालांकि, समय के साथ सिक्किम में भारत के साथ जुड़ने की मांग बढ़ने लगी.

6.आधिकारिक रूप से भारत का 22वां राज्य बन गया

आधिकारिक रूप से भारत का 22वां राज्य बन गया
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1975 में सिक्किम की जनता ने भारत में शामिल होने के लिए जनमत संग्रह किया. इसके बाद 23 अप्रैल 1975 को लोकसभा और 26 अप्रैल को राज्यसभा में बिल पास हुआ. राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद सिक्किम आधिकारिक रूप से भारत का 22वां राज्य बन गया. इस तरह सिक्किम ने 16 मई 1975 को भारत के साथ अपनी नई यात्रा शुरू की. 
 

7.दोनों राज्य भारत की समृद्ध संस्कृति और इतिहास का हिस्सा

दोनों राज्य भारत की समृद्ध संस्कृति और इतिहास का हिस्सा
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गोवा और सिक्किम की आजादी की कहानी भारत के स्वतंत्रता संग्राम का एक अनोखा अध्याय है. यह दिखाता है कि भारत ने हर क्षेत्र को एकजुट करने के लिए कितने प्रयास किए. आज दोनों राज्य भारत की समृद्ध संस्कृति और इतिहास का हिस्सा हैं.

Disclaimer: यहां दी गई सारी तस्वीरें सिर्फ सांकेतिक है. 

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