भारत
Garima Sharma | Jul 10, 2025, 11:31 PM IST
1.Paytm ने बदला डिजिटल पेमेंट का चेहरा
पेटीएम ने भारत में मोबाइल पेमेंट्स का चेहरा पूरी तरह बदल दिया है. QR कोड और साउंडबॉक्स जैसी इनोवेटिव तकनीकों के जरिए इसने छोटे दुकानदारों से लेकर आम यूज़र्स तक को डिजिटल पेमेंट से जोड़ दिया. एक टेक-फर्स्ट और भरोसेमंद UPI प्लेटफॉर्म के तौर पर पेटीएम लगातार नए फीचर्स लाता रहा है ताकि लोगों को पेमेंट्स में ज्यादा सहजता, स्पीड और सुरक्षा मिल सके.
2.अब ट्रांजैक्शन हिस्ट्री में मिलेगा प्राइवेसी का फायदा
पेटीएम ने इंडस्ट्री में पहली बार "हाइड/अनहाइड ट्रांजैक्शन" फीचर पेश किया है. इस फीचर के ज़रिए यूज़र अपनी पेमेंट हिस्ट्री से किसी भी ट्रांजैक्शन को छिपा सकते हैं. यह खासतौर पर गिफ्ट, पर्सनल खर्च या प्राइवेट ट्रांसफर जैसी सेंसिटिव पेमेंट्स के लिए बेहद उपयोगी है. छिपाए गए ट्रांजैक्शन एक सिक्योर सेक्शन में सेव रहते हैं, जिन्हें देखने के लिए ऑथेंटिकेशन जरूरी होता है.
3.ट्रांजैक्शन स्टेटमेंट अब PDF और Excel में
पेटीएम यूज़र्स को अपनी UPI ट्रांजैक्शन हिस्ट्री को PDF या Excel फॉर्मेट में डाउनलोड करने की सुविधा भी देता है. यह फीचर उन लोगों के लिए खास फायदेमंद है जो खर्चों को ट्रैक करना, बजट बनाना या अकाउंटिंग करते हैं. चाहे व्यक्तिगत ज़रूरतें हों या बिजनेस से जुड़ी, यह फीचर एक बड़ा समय बचाने वाला टूल बन चुका है.
4.बनाएं खुद की UPI ID, शेयरिंग से बचें
अब पेटीएम पर यूज़र्स अपनी पसंद की UPI ID जैसे yourname@ptyes या @ptaxis बना सकते हैं. इससे पेमेंट भेजते या लेते समय मोबाइल नंबर शेयर करने की जरूरत नहीं रहती, जिससे प्राइवेसी बनी रहती है. साथ ही यह प्रोफेशनल या फ्रीलांस काम करने वालों के लिए भी बेहद उपयोगी है.
5.एक ही जगह सभी बैंक अकाउंट्स की जानकारी
Paytm पर आप जितने भी बैंक अकाउंट्स को UPI से लिंक करते हैं, उन सभी का बैलेंस एक ही ऐप में चेक कर सकते हैं. इससे हर बार अलग-अलग बैंक ऐप्स में लॉग इन करने की जरूरत नहीं पड़ती और यूज़र को अपने पैसों पर बेहतर कंट्रोल मिलता है.