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भारत के परमाणु हथियारों में हुई बढ़ोतरी, कहां खड़ा है पाकिस्तान? जानिए किसके पास हैं कितने बम

रक्षा क्षेत्र पर नजर रखने वाली वैश्विक संस्था स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट ने अपनी सालाना रिपोर्ट सिपरी ईयरबुक 2026 जारी कर दी है. इस रिपोर्ट के मुताबिक, परमाणु हथियारों को कम करने के वैश्विक प्रयास अब उल्टे पड़ते दिख रहे हैं.

Gaurav Barar | Jun 08, 2026, 12:42 PM IST

1.परमाणु हथियारों को लेकर चौंकाने वाली रिपोर्ट

परमाणु हथियारों को लेकर चौंकाने वाली रिपोर्ट
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वैश्विक स्तर पर बढ़ती कड़वाहट और महाशक्तियों के बीच अविश्वास के इस माहौल में परमाणु हथियारों को लेकर एक बेहद चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है. रक्षा क्षेत्र पर नजर रखने वाली मशहूर संस्था स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट ने अपनी सालाना रिपोर्ट सिपरी ईयरबुक 2026 जारी कर दी है. (All AI Images)
 

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2.नाकाम होते दिख रहे अंतरराष्ट्रीय प्रयास

नाकाम होते दिख रहे अंतरराष्ट्रीय प्रयास
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इस रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि परमाणु हथियारों को कम करने के लिए दशकों से किए जा रहे अंतरराष्ट्रीय प्रयास अब पूरी तरह नाकाम होते दिख रहे हैं. दुनिया के कई देश अपनी सुरक्षा के लिए परमाणु हथियारों पर निर्भरता बढ़ा रहे हैं और उनका आधुनिकीकरण कर रहे हैं, जिससे परमाणु युद्ध का खतरा काफी बढ़ गया है.

3.भारत की बड़ी छलांग, पाकिस्तान छूटा पीछे

भारत की बड़ी छलांग, पाकिस्तान छूटा पीछे
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इस रिपोर्ट की सबसे बड़ी बात यह है कि दक्षिण एशिया में रणनीतिक संतुलन के लिहाज से भारत ने एक नया मुकाम हासिल कर लिया है. भारत का परमाणु हथियार भंडार साल 2025 के 180 वॉरहेड्स से बढ़कर साल 2026 में 190 वॉरहेड्स तक पहुंच गया है.

4.पाकिस्तान के पास कितने परमाणु बम?

पाकिस्तान के पास कितने परमाणु बम?
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इस बढ़ोतरी के साथ ही भारत ने अपने पड़ोसी देश पाकिस्तान पर स्पष्ट बढ़त बना ली है, जिसकी परमाणु क्षमता इस दौरान बिना किसी बदलाव के 170 वॉरहेड्स पर ही रुकी हुई है, सिपरी की यह रिपोर्ट दिखाती है कि भारत बहुत ही परिपक्वता के साथ अपनी रणनीतिक क्षमताओं का विस्तार कर रहा है. 

5.भारत को लेकर महत्वपूर्ण बदलाव का जिक्र

भारत को लेकर महत्वपूर्ण बदलाव का जिक्र
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रिपोर्ट में भारत को लेकर एक बहुत ही महत्वपूर्ण बदलाव का जिक्र किया गया है. भारत और चीन जैसे देश अब शांति काल के दौरान भी अपनी मिसाइलों पर छोटी संख्या में परमाणु वॉरहेड तैनात कर सकते हैं. यह भारत की ऑपरेशनल रेडीनेस में आए एक बड़े बदलाव को दर्शाता है, जिससे भारत किसी भी अचानक आए संकट की स्थिति में बेहद कम समय में जवाबी कार्रवाई कर सकता है.

6.मामूली गिरावट के बीच आधुनिकीकरण की आंधी

मामूली गिरावट के बीच आधुनिकीकरण की आंधी
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अगर हम पूरी दुनिया के स्तर पर देखें, तो जनवरी 2026 तक दुनिया का कुल परमाणु भंडार 12,187 वॉरहेड्स था. साल 2025 में यह संख्या 12,241 थी. कुल संख्या में मामूली गिरावट जरूर दिख रही है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह केवल भ्रम पैदा करने वाली बात है.

7.हाई ऑपरेशनल अलर्ट पर सैंकड़ों परमाणु वॉरहेड्स

हाई ऑपरेशनल अलर्ट पर सैंकड़ों परमाणु वॉरहेड्स
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असल में देश अपने पुराने परमाणु हथियारों को नष्ट करने की प्रक्रिया को धीमा कर रहे हैं और नए, अधिक घातक परमाणु सिस्टम की तैनाती को तेज कर रहे हैं. सबसे डराने वाली बात यह है कि दुनिया भर में करीब 2,100 से 2,200 परमाणु वॉरहेड्स को हाई ऑपरेशनल अलर्ट पर रखा गया है, यानी ये वो हथियार हैं जिन्हें महज कुछ ही मिनटों के आदेश पर दागा जा सकता है.

8.कौन सा देश है किस पायदान पर?

कौन सा देश है किस पायदान पर?
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परमाणु हथियारों की होड़ में आज भी शीतयुद्ध के दो सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी यानी रूस और अमेरिका ही सबसे आगे खड़े हैं. रूस इस समय दुनिया का सबसे बड़ा परमाणु शक्ति संपन्न देश है, जिसके पास कुल 5,420 वॉरहेड्स का विशाल भंडार है. अमेरिका इस सूची में दूसरे स्थान पर है, जिसके पास वर्तमान में 5,042 वारहेड्स मौजूद हैं. 

9.चीन भी आक्रामक तरीके से बढ़ा रहा अपना जखीरा

चीन भी आक्रामक तरीके से बढ़ा रहा अपना जखीरा
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भारत का पड़ोसी देश चीन अपने परमाणु बेड़े को बहुत आक्रामक तरीके से बढ़ा रहा है. चीन का भंडार 600 से बढ़कर 620 वॉरहेड्स हो गया है. फ्रांस ने अपने भंडार में सबसे तेज बढ़ोतरी करते हुए इसे 290 से सीधे 370 वॉरहेड्स तक पहुंचा दिया है. यूनाइटेड किंगडम के पास वर्तमान में 225 वॉरहेड्स हैं. मिडिल ईस्ट में जारी भारी तनाव के बावजूद इजरायल का अनुमानित परमाणु भंडार बिना किसी बदलाव के 90 वॉरहेड्स पर ही बना हुआ है. उत्तर कोरिया का भंडार 50 से बढ़कर 60 वॉरहेड्स हो गया है.
 

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