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पाकिस्तान से मुकाबले के लिए तैयार हो रही रोबोटिक सेना, DRDO बना रहा ह्यूमेनॉयड रोबोट

Robotic army India: रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) एक उन्नत ह्यूमनॉइड रोबोट विकसित कर रहा है, जो खतरनाक सैन्य मिशनों में सैनिकों की जगह काम कर सकेगा. भारत के 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद पाकिस्तान से निपटने के लिए अब रोबोटिक सेना के बारे में भी सोचा जा रहा है.

मीना प्रजापति | May 14, 2025, 09:07 AM IST

1.तकनीकी विशेषताएं

तकनीकी विशेषताएं
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यह ह्यूमनॉइड रोबोट कई अत्याधुनिक तकनीकों से लैस होगा. इसमें एक्ट्यूएटर्स, मानवीय मांसपेशियों की तरह गति उत्पन्न करने के लिए होंगे. इसमें सेंसर, प्रोप्रियोसेप्टिव और एक्सटेरोसेप्टिव सेंसर जो शरीर और पर्यावरण की जानकारी देंगे. वहीं, नियंत्रण प्रणाली, एकत्रित जानकारी का विश्लेषण कर रोबोट के कार्यों का नियंत्रण करेगी. इनमें विभिन्न स्रोतों से मिले डेटा का एकीकरण और जटिल निर्णय लेना संभव होगा . ये रोबोट सुनने और देखने की क्षमता से युक्त होंगे. 
 

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2.डिजाइन विशेषताएं

डिजाइन विशेषताएं
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वैज्ञानिकों का कहना है कि इस ह्यूमनॉइड रोबोट का ऊपरी हिस्सा हल्के वजन वाले हाथों से सुज्जित होगा, जिसमें गोलाकार रिवॉल्वर जोड़ कॉन्फिगरेशन होगा. इसमें कुल 24 डिग्री ऑफ फ्रीडम होंगे- प्रत्येक हाथ में 7, ग्रिपर में 4, सिर में 2.  दोनों हाथ सहयोग से कार्य करने में सक्षम. दिन-रात और इनडोर-आउटडोर दोनों परिस्थितियों में काम करेगा. 

3.कार्य क्षमताएं

कार्य क्षमताएं
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यह रोबोट विभिन्न उच्च जोखिम वाले कार्य कर सकेंगे.  24 डिग्री ऑफ फ्रीडम के साथ हल्के लेकिन मजबूत हाथों से वस्तुएं पकड़ सकेंगे. वस्तुओं को मोड़ना, धक्का देना, वाल्व खोलना, दरवाजे स्लाइड करना आदि काम कर सकेंगे. खतरनाक वस्तुओं जैसे विस्फोटक, माइंस या तरल पदार्थों को संभालना, गिरने या धक्का लगने पर स्वयं को संतुलित करना, वास्तविक समय में नक्शा बनाना और रास्ता तय करना जैसे काम कर सकेंगे. 

4.भविष्य की संभावनाएं

भविष्य की संभावनाएं
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यह ह्यूमनॉइड रोबोट सिर्फ सेना तक सीमित नहीं रहेगा. ये अस्पतालों में सहयोगी या सहायक के रूप में.  दैनिक कार्यों में मदद के लिए, खतरनाक या मानव-वर्जित क्षेत्रों में कार्य करने के लिए भी काम आऐंगे. 

5.आम जीवन भी सुरक्षित होगा

आम जीवन भी सुरक्षित होगा
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वैज्ञानिकों का मानना है कि यह तकनीक न सिर्फ रक्षा क्षेत्र में क्रांति लाएगी, बल्कि आम जीवन को भी अधिक सुरक्षित और सरल बनाएगी. 2027 तक प्रोजेक्ट पूरा करने 

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