भारत
राजा राम | Aug 03, 2025, 05:46 PM IST
1.बुलेट ट्रेन का सपना अब हकीकत बनने के बेहद करीब

भारत की पहली बुलेट ट्रेन का सपना अब हकीकत बनने के बेहद करीब है. मुंबई से अहमदाबाद के बीच चलने वाली हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन सेवा जल्द ही शुरू होने जा रही है. यह जानकारी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुजरात के भावनगर में एक कार्यक्रम के दौरान दी.
2.127 मिनट में यात्रियों को उनके गंतव्य तक

गुजरात के भावनगर में एक कार्यक्रम के दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की कि भारत की पहली बुलेट ट्रेन सेवा जल्द ही शुरू की जाएगी. यह हाई-स्पीड ट्रेन मुंबई से अहमदाबाद के बीच चलेगी और महज 2 घंटे 7 मिनट यानी 127 मिनट में यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाएगी.
3.समय और सुविधा दोनों का फायदा

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का काम तेजी से चल रहा है और इसका पहला रूट मुंबई से अहमदाबाद के बीच होगा. उन्होंने बताया कि जैसे ही यह सेवा शुरू होगी, ट्रैवल टाइम में भारी कमी आएगी, जिससे यात्रियों को समय और सुविधा दोनों का फायदा मिलेगा.
4.जबलपुर से रायपुर को जोड़ने वाली नई ट्रेन शामिल

रेल मंत्री भावनगर टर्मिनस से तीन नई ट्रेनों को वर्चुअली रवाना करने पहुंचे थे. इनमें भावनगर टर्मिनस–अयोध्या कैंट एक्सप्रेस, रीवा–पुणे एक्सप्रेस और जबलपुर से रायपुर को जोड़ने वाली नई ट्रेन शामिल थी.
5.इस रूट पर कुल 12 स्टेशन होंगे

मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल (MAHSR) प्रोजेक्ट कुल 508 किलोमीटर लंबा है. इस रूट पर कुल 12 स्टेशन होंगे—मुंबई, ठाणे, विरार, बोईसर, वापी, बिलीमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आनंद, अहमदाबाद और साबरमती.
6.अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस

इस परियोजना से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि यह भारत में आधुनिक रेलवे युग की शुरुआत भी मानी जा रही है. यह ट्रेन जापान की तकनीक पर आधारित होगी और अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगी.
7.अनुमानित लागत करीब 1,08,000 करोड़ रुपये

MAHSR परियोजना की कुल अनुमानित लागत करीब 1,08,000 करोड़ रुपये है. इसमें से 81% यानी लगभग 88,000 करोड़ रुपये जापान इंटरनेशनल को-ऑपरेशन एजेंसी (JICA) द्वारा फंड किए जा रहे हैं.
8.देश की गति को नई रफ्तार

सरकार का मानना है कि यह बुलेट ट्रेन भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी और देश की गति को नई रफ्तार देगी. बुलेट ट्रेन के संचालन के बाद मुंबई-अहमदाबाद रूट पर हवाई यात्रा की तुलना में यह एक प्रतिस्पर्धी और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प साबित हो सकती है.