भारत
राजा राम | Dec 05, 2025, 07:28 PM IST
1.एयर सहारा

1990 के दशक में एयर सहारा भारत की प्रमुख फुल-सर्विस एयरलाइंस थी. घरेलू उड़ानों से लेकर विदेशी रूट तक इसका नेटवर्क फैला था. 2007 में जेट एयरवेज ने इसे खरीदा और नाम बदलकर जेटलाइट कर दिया. 2019 में जेट एयरवेज के साथ ही एयर सहारा की विरासत भी खत्म हो गई.
2.एयर डेक्कन

2003 में एयर डेक्कन ने भारतीय एविएशन में क्रांति ला दी. छोटी दूरी और कम किराए पर उड़ानें शुरू कर उसने यात्रा को सस्ता बनाया. लेकिन तेज विस्तार की वजह से वित्तीय स्थिति बिगड़ी. 2008 में किंगफिशर ने इसे खरीद लिया और बाद में इसका नाम भी इतिहास बन गया.
3.पैरामाउंट एयरवेज

2005 में लॉन्च हुई पैरामाउंट एयरवेज ने साउथ इंडिया में बिजनेस ग्राहकों को टारगेट किया. इसके एम्ब्रेयर विमान और प्रीमियम सीटिंग कॉन्सेप्ट खास थे. लेकिन कानूनी विवाद, कर्ज और ऑपरेशनल दिक्कतों ने इसे 2010 में पूरी तरह ग्राउंड कर दिया.
4.किंगफिशर एयरलाइंस

विजय माल्या की किंगफिशर एयरलाइंस ने भारतीय एविएशन में लक्जरी का एक नया मानक तय किया था. लेकिन हाई लागत, गलत फैसले और कर्ज ने कंपनी को घुटनों पर ला दिया. 2012 में इसका लाइसेंस रद्द हुआ और भारतीय कॉरपोरेट इतिहास की सबसे बड़ी गिरावटों में इसका नाम जुड़ गया.
5.जेट एयरवेज

1993 में शुरू हुई जेट एयरवेज लंबे समय तक देश की सबसे विश्वसनीय एयरलाइन मानी जाती थी. लेकिन लो-कॉस्ट एयरलाइंस की चुनौती और भारी कर्ज ने कंपनी को कमजोर कर दिया. 2019 में ऑपरेशन बंद हुए और 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने इसे औपचारिक रूप से समाप्त घोषित किया.
6.ट्रूजेट

2015 में शुरू हुआ ट्रूजेट छोटे शहरों को जोड़ने पर केंद्रित था. क्षेत्रीय रूट पर इसकी पकड़ मजबूत थी, लेकिन महामारी और लगातार नुकसान ने 2022 में इसे रोक दिया. निवेशकों की दिलचस्पी के बावजूद यह आज भी वापस आसमान में नहीं लौटा.
7.गो फर्स्ट

पहले गोएयर नाम से उड़ान भरने वाली यह एयरलाइन 2023 में तबाह हो गई जब इंजन सप्लाई की गंभीर समस्या ने इसके आधे से ज्यादा विमान रोक दिए. कर्ज बढ़ता गया और अंत में 2025 में NCLT ने कंपनी को लिक्विडेशन में भेज दिया.
8.विस्तारा

टाटा ग्रुप और सिंगापुर एयरलाइंस की साझेदारी से बनी विस्तारा 2015 में लॉन्च हुई और तेजी से लोकप्रिय हुई. लेकिन 2024 में टाटा ग्रुप की एविएशन री-स्ट्रक्चरिंग के कारण इसे एयर इंडिया में मिला दिया गया. इसकी पहचान अब एयर इंडिया का हिस्सा है.
9.AIX Connect

पहले एयरएशिया इंडिया के नाम से जानी जाने वाली यह एयरलाइन 2024 में एयर इंडिया एक्सप्रेस में मर्ज कर दी गई. नाम और ब्रांड दोनों खत्म हो गए और इसका पूरा ऑपरेशन अब एयर इंडिया एक्सप्रेस के तहत चलता है.
10.बदलता हुआ भारतीय एविएशन

इन नौ एयरलाइंस के लुप्त होने के बाद भारतीय बाजार में बड़ा खालीपन हो गया. जिसका सबसे ज्यादा फायदा इंडिगो ने उठाया. आज इसके पास 60% से अधिक मार्केट शेयर है. लेकिन यह इतिहास बताता है कि भारतीय एविएशन में टिके रहना सबसे बड़ी चुनौती है.