भारत
Shivendra Rai | Jun 09, 2026, 11:20 PM IST
1.K9 वज्र खरीदने का प्लान

भारतीय सेना अपने तोपखाने की ताकत बढ़ाने के लिए लगभग 23,000 करोड़ की लागत से 300 से ज्यादा अतिरिक्त K9 वज्र सेल्फ-प्रोपेल्ड होवित्ज़र खरीदने के लिए सरकार से मंजूरी लेने की तैयारी कर रही है. (फोटो-IANS)
2.इसी हफ्ते DPB के सामने रखा जा सकता है प्रस्ताव

एशिया नेट न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, ये प्रस्ताव इस हफ्ते डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड (DPB) के सामने रखा जा सकता है. अगर मंजूरी मिल जाती है तो यह ऑर्डर लार्सन एंड टुब्रो (L&T) को मिलेगा जो भारत में दक्षिण कोरिया की हनवा एयरोस्पेस से लाइसेंस लेकर K9 वज्र को असेंबल करती है. (फोटो- @IaSouthern)
3.आर्टिलरी की सबसे बड़ी खरीद

अगर 300 K9 वज्र सेल्फ-प्रोपेल्ड होवित्ज़र खरीदने के प्रस्ताव पर मुहर लगती है तो यह पिछले कई दशकों में सेना द्वारा की गई आर्टिलरी की सबसे बड़ी खरीद होगी. इसके साथ ही सेना में 500 यूनिट K9 वज्र के शामिल होने का रास्ता साफ हो जाएगा. (फोटो- @IaSouthern)
4.पहले ही 200 K9 वज्र का ऑर्डर दे चुकी है सेना

2017 में भारतीय सेना ने L&T के साथ लगभग 4,500 करोड़ की लागत से 100 गन के लिए पहला समझौता किया था. नकी डिलीवरी 2021 में तय समय से पहले पूरी हो गई थी. दिसंबर 2023 में, रक्षा मंत्रालय ने लगभग 7,600 करोड़ रुपये की लागत से 100 और गन के लिए एक और कॉन्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर किए. इनकी डिलीनरी जारी है. (फोटो- @IaSouthern)
5.क्या है K9 वज्र की खासियत

K9 वज्र एक 155mm/52-कैलिबर ट्रैक्ड होवित्ज़र है. यह 40 किलोमीटर दूर के लक्ष्यों पर भी हमला कर सकती है. K9 वज्र किसी टैंक की तरह ट्रैक्ड वाहन पर फिट है. यह खींच कर ले जानी वाली तोपों के मुकाबले काफी बेहतर. (प्रतीकात्मक AI इमेज)
6.चीन सीमा पर भी है तैनात

2020 में गलवान झड़प के बाद सेना ने इसे लद्दाख के ऊंचे इलाके में तैनात किया था. तब इसकी हिमालयी इलाकों में काम करने की क्षमता भी सामने आई. इसे मुश्किल इलाकों में भी आसानी से तैनात किया जा सकता है. (प्रतीकात्मक AI इमेज)
7.दोनों मोर्चों पर मारक क्षमता मजबूत होगी

सेना के बेड़े में 500 K9 वज्र होवित्ज़र शामिल होने से चीन और पाकिस्तान दोनों सीमा पर एक साथ लंबी दूरी की मारक क्षमता को मजबूत किया जा सकेगा. ये तोप पश्चिमी थार रेगिस्तान के गर्म मौसम और लद्दाख के ठंडे मौसम, दोनों में एक समान क्षमता से काम कर सकती है. (प्रतीकात्मक AI इमेज)
8.ऑटोमैटिक लोडिंग सिस्टम

K9 वज्र होवित्ज़र में ऑटोमैटिक लोडिंग सिस्टम है. यह 15 सेकंड में 3 राउंड दाग सकती है. यह तीन मिनट तक प्रति मिनट 6–8 राउंड की फायरिंग कर सकती है. यह अलग-अलग ट्रैजेक्टरी से कई गोले दाग सकती है ताकि वे सभी एक ही समय पर टारगेट से टकराएं. ट्रैक्ड चेसिस पर फिट होने के कारण यह 67 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है और इसकी ऑपरेशनल रेंज 480 किमी है. (प्रतीकात्मक AI इमेज)