भारत
Jaya Pandey | Jul 22, 2026, 02:28 PM IST
1.दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए 5 बड़े प्रोटेस्ट

दिल्ली का जंतर-मंतर फिलहाल कॉकरोच जनता पार्टी की अगुआई में हो रहे विरोध प्रदर्शन की वजह से चर्चा में है. इस प्रदर्शन में स्टूडेंट्स, पैरेंट्स और युवा शामिल हुए हैं और NEET समेत परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर जवाबदेही की मांग उठा रहे हैं. हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब जंतर-मंतर किसी बड़े जनआंदोलन का केंद्र बना है. यह जगह लंबे समय से देश में विरोध और जनआंदोलनों की आवाज का एक अहम केंद्र रही है. यहां हुए कई आंदोलनों ने न सिर्फ देश का ध्यान खींचा, बल्कि सरकार और व्यवस्था पर भी दबाव बनाया. आज हम आपको दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए ऐसे ही 5 बड़े आंदोलनों के बारे में बताने जा रहे हैं.
(Image Credit: PTI/Wikimedia Commons)
2.अन्ना हजारे का भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन (2011)

साल 2011 में सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने मजबूत लोकपाल कानून की मांग को लेकर भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन शुरू किया थी. 5 अप्रैल 2011 को जंतर-मंतर पर उनका अनशन शुरू हुआ था. इस आंदोलन को देशभर से जनसमर्थन मिला और बड़ी संख्या में लोग इसके समर्थन में सड़कों पर उतरे. आंदोलन के बढ़ते प्रभाव के बाद अन्ना हजारे ने अगस्त 2011 में दिल्ली के रामलीला मैदान में भी अनशन किया. इस आंदोलन ने भ्रष्टाचार और लोकपाल कानून को देश की राजनीति के केंद्र में ला दिया और इससे तत्कालीन सरकार पर राजनीतिक दबाव बना.
3.निर्भया कांड के बाद न्याय की मांग (2012)

16 दिसंबर 2012 को दिल्ली में 23 साल की स्टूडेंट के साथ चलती बस में गैंगरेप और बर्बर हिंसा की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया. इसके बाद दिल्ली में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए और जंतर-मंतर भी इस आक्रोश और न्याय की मांग का एक प्रमुख केंद्र बना. प्रदर्शनकारियों ने महिलाओं की सुरक्षा, दोषियों को कड़ी सजा और कानून में बदलाव की मांग की. देशभर में हुए इस व्यापक जनदबाव के बाद सरकार ने महिलाओं के खिलाफ यौन अपराधों से जुड़े कानूनों में बदलाव के लिए जस्टिस जे.एस. वर्मा समिति गठित की. समिति की सिफारिशों के बाद आपराधिक कानून में संशोधन किए गए और 2013 में क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट लागू हुआ.
4.वन रैंक, वन पेंशन आंदोलन (2015)

पूर्व सैनिक लंबे समय से वन रैंक, वन पेंशन की मांग कर रहे थे. जून 2015 में इस मुद्दे पर देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए और दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी पूर्व सैनिकों ने धरना और रिले हंगर स्ट्राइक शुरू की. उनका कहना था कि समान रैंक और समान सेवा अवधि वाले पूर्व सैनिकों को समान पेंशन मिले. यह आंदोलन कई महीनों तक चला और पूर्व सैनिकों ने सरकार से OROP लागू करने की मांग जारी रखी. बाद में केंद्र सरकार ने सितंबर 2015 में OROP लागू करने का ऐलान किया.
5.किसानों का अनोखा प्रदर्शन (2017)

साल 2017 में तमिलनाडु से आए किसानों का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन देश के सबसे चर्चित विरोध प्रदर्शनों में से एक रहा. किसानों ने सूखे, फसल बर्बादी, किसानों की आत्महत्या और कर्ज से जुड़ी समस्याओं को लेकर केंद्र सरकार से राहत की मांग की. प्रदर्शन की अगुआई पी. अय्याकन्नू ने किया था. किसानों ने खोपड़ियों और मरे हुए चूहों को मुंह में लेकर विरोध जताया. इन प्रदर्शन की तस्वीरों ने काफी चर्चा बटोरी. किसानों की प्रमुख मांगों में कर्ज माफी और सूखा प्रभावित किसानों के लिए राहत पैकेज शामिल था.
6.महिला पहलवानों का आंदोलन (2023)

2023 में भारत के पहलवानों ने भारतीय कुश्ती महासंघ के तत्कालीन अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ गंभीर यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर जंतर-मंतर पर धरना दिया. आंदोलन में साक्षी मलिक, विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया समेत कई पहलवान शामिल हुए. पहलवानों ने WFI में बदलाव और आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की. पहलवानों के इस आंदोलन ने भारतीय खेल संस्थानों में जवाबदेही, महिला खिलाड़ियों की सुरक्षा और यौन उत्पीड़न के आरोपों से निपटने की प्रक्रिया को लेकर देशभर में बहस छेड़ दी.