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Jaya Pandey | Aug 04, 2026, 12:22 PM IST
1.पंकजा मुंडे के संन्यास के बयान ने मचाई हलचल

बीजेपी नेता और महाराष्ट्र की पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे के एक बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है. परली में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बीड -परली राजमार्ग की खस्ताहाल हालत पर परेशान होते हुए कहा कि उन्हें अब थकान महसूस होने लगी है और उन्होंने संन्यास के बारे में भी सोचा, लेकिन कार्यक्रम में मौजूद लोगों का उत्साह देखकर उनमें फिर से नई ऊर्जा भर गई. उनके इस बयान के बाद कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने उन्हें कांग्रेस पार्टी जॉइन करने और महाराष्ट्र की पहली महिला मुख्यमंत्री बनाने तक का ऑफर तक दे डाला.
(Image Credit: Pankaja Munde X Handle)
2.पंकजा मुंडे का एजुकेशनल बैकग्राउंड

इस बयान के बाद लोगों में पंकजा मुंडे के एजुकेशनल बैकग्राउंड और पॉलिटिकल करियर को लेकर दिलचस्पी एक बार फिर बढ़ गई है. पंकजा मुंडे काफी पढ़ी-लिखी नेता मानी जाती हैं. उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई महाराष्ट्र में ही की और परली के सरस्वती विद्यालय से दसवीं और इसके बाद मुंबई के जय हिंद कॉलेज से बारहवीं की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद उन्होंने मुंबई के राम नारायण रुइया कॉलेज से ग्रेजुएशन किया.
3.पंकजा मुंडे की पर्सनल लाइफ

पर्सनल लाइफ की बात करें तो पंकजा मुंडे की शादी अमित पालवे से हुई है. वह बिजनेसमैन हैं. राजनीति में आने से पहले पंकजा सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहीं और उन्होंने कई एनजीओ के साथ मिलकर काम किया है.
4.रोड एक्सीडेंट में पिता गोपीनाथ मुंडे के निधन के बाद आगे बढ़ा रहीं उनकी राजनीतिक विरासत

पंकजा मुंडे बीजेपी के दिवंगत वरिष्ठ नेता गोपीनाथ मुंडे की बेटी हैं. गोपीनाथ मुंडे महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री रह चुके थे. साल 2014 में एक सड़क हादसे में उनका निधन हो गया था और उसके बाद पंकजा मुंडे ने अपने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी संभाली.
5.पंकजा मुंडे का पॉलिटिकल करियर

पंकजा मुंडे का राजनीतिक सफर साल 2009 में शुरू हुआ था. उन्होंने बीड जिले की परली विधानसभा सीट से अपना पहला चुनाव जीतकर राजनीति में अपना पहला कदम रखा था. साल 2012 में उन्हें महाराष्ट्र में बीजेपी की युवा शाखा भारतीय जनता युवा मोर्चा की राज्य अध्यक्ष बनाया गया.
6.2014 का साल राजनीतिक सफर में रहा बेहद अहम

साल 2014 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में उन्होंने परली सीट से लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की. इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार में ग्रामीण विकास, महिला एवं बाल कल्याण के साथ-साथ जल संरक्षण जैसे अहम विभागों की मंत्री के रूप में जिम्मेदारी निभाई. 2014 के चुनावों से पहले उन्होंने 'पुन्हा संघर्ष यात्रा' निकाली थी जिसने उनके पिता की विरासत को जनता के बीच और मजबूत किया.
7.बीजेपी संगठन में मिले कई अहम पद

आगे चलकर उन्हें बीजेपी संगठन के भीतर राष्ट्रीय सचिव के पद पर भी पदोन्नत किया गया. संगठनात्मक बदलावों और चुनावी समीकरणों में हुए फेरबदल के चलते वह बाद में महाराष्ट्र विधान परिषद की सदस्य बनीं. फिलहाल वह साल 2024 से महाराष्ट्र सरकार में पर्यावरण और पशुपालन मंत्री के तौर पर काम कर रही हैं.