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राजा राम | Jun 17, 2025, 09:07 PM IST
1.डिजिटल युग की ओर कदम बढ़ाती जनगणना

देश में 16 साल के लंबे इंतजार के बाद जनगणना की प्रक्रिया एक बार फिर शुरू होने जा रही है. पिछली जनगणना 2011 में हुई थी. आपको बता दें 2021 की जनगणना कोविड के कारण टल गई थी. इस बार 16वीं जनगणना में कई यहां बदलाव देखने को मिलेंगे. सबसे खास बात यह है कि पहली बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आधारित होगी और इसमें जातीय आंकड़े भी शामिल किए जाएंगे. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इसकी अधिसूचना 16 जून को जारी कर दी है.
2.दो चरणों में होगी प्रक्रिया

अगले साल से शुरू होने वाली जनगणना दो चरणों में पूरी होगी. पहले चरण में घरों की सूची तैयार की जाएगी, जिसे 'हाउस लिस्टिंग' कहा जाता है. इसमें घर की हालत, जल स्रोत, ईंधन, शौचालय, रसोई जैसी जानकारी दर्ज की जाएगी. इसके बाद दूसरे चरण में व्यक्तिगत जानकारियां ली जाएंगी जैसे उम्र, लिंग, शिक्षा, धर्म, जाति, भाषा, विकलांगता, और वाहन आदि. इस दौरान कुल 36 सवाल पूछे जाएंगे, जिनके उत्तर ऐप के प्री-कोडेड ड्रॉपडाउन मैन्यू में दर्ज होंगे.
3.लोग खुद भर सकेंगे अपनी जानकारी

जनगणना ऐप में इंटेलिजेंट कैरेक्टर रिकग्निशन (ICR) तकनीक का इस्तेमाल होगा, जिससे हाथ से लिखी या अधूरी जानकारी को भी आसानी से पढ़ा जा सकेगा. नागरिक खुद भी अपनी जानकारी ऐप के माध्यम से दर्ज कर सकेंगे, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी. सारी जानकारी सीधे बैकएंड सिस्टम में सेव होगी, जिससे बाद में मैनुअल प्रोसेसिंग की जरूरत नहीं पड़ेगी.
4.जनगणना के लिए 34 लाख कर्मी होंगे तैनात

जनगणना की इस महत्त्वपूर्ण प्रक्रिया के लिए करीब 34 लाख कर्मचारी और पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाएंगे. इनमें से 1.3 लाख अधिकारी डिजिटल डिवाइस से लैस होंगे. इनका प्रशिक्षण अक्टूबर 2025 से शुरू हो सकता है. इसके लिए 100 राष्ट्रीय प्रशिक्षक, 1,800 मास्टर ट्रेनर और 45,000 फील्ड ट्रेनर नियुक्त किए जाएंगे.
5.इतिहास में पहली बार जातीय आंकड़े भी होंगे शामिल

इस बार की जनगणना कई मायनों में ऐतिहासिक होगी. पहली बार जातीय जनगणना भी की जाएगी, जिससे समाज की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिलेगी. साथ ही, नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (NPR) का भी अपडेट इसी प्रक्रिया के तहत किया जाएगा. अनुमानित खर्च करीब 13,000 करोड़ रुपये होगा, जिसका प्रावधान 2026 के बजट में किया जाएगा.
6.जनगणना की तिथि और परिणाम कब तक?

बर्फबारी वाले क्षेत्रों जैसे लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में जनगणना 1 अक्टूबर 2026 से होगी, जबकि बाकी राज्यों के लिए यह 1 मार्च 2027 तय की गई है. इसके नतीजे दिसंबर 2027 या जनवरी 2028 तक सामने आने की उम्मीद है.