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पटना की स्पेशल कोर्ट ने यूट्यूबर मनीष कश्यप को तमिलनाडु ले जाने के लिए पुलिस को इजाजत दे दी है. कश्यप के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं.
डीएनए हिंदी: तमिलनाडु पुलिस को फर्जी वीडियो वायरल करने के आरोपी मनीष कश्यप (Manish Kashyap) को अपने साथ ले जाने की इजाजत मिल गई है. पटना की एक विशेष अदालत ने मंगलवार को अनुमति दे दी है. तमिलनाडु के मदुरै जिला कोर्ट ने आरोपी यूट्यूबर के खिलाफ पेश होने के लिए प्रोडक्शन वारंट जारी किया था. जिसकी जानकारी बेऊर जेल प्रशासन को भेजी गई थी. पटना सिविल कोर्ट में तमिलनाडु पुलिस ने 14 दिनों की रिमांड मांगी थी.
इससे पहले सोमवार को ईओयू ने मनीष कश्यप की रिमांड खत्म होने के बाद कोर्ट में पेश किया था, जहां कोर्ट ने उसे पटना स्थित बेऊर जेल भेज दिया था. यूट्यूबर मनीष कश्यप के खिलाफ तमिलनाडु में दो आपराधिक मामले दर्ज किए हैं. तमिलनाडु में यूट्यूबर पर प्रवासी मजदूरों की हिंसा के फर्जी वीडियो वायरल करने का आरोप है. वहीं, बिहार में यूट्यूबर पर तीन केस दर्ज हैं.
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यूट्यूबर मनीष कश्यप से तमिलनाडु पुलिस पूछताछ करना चाहती है. उसके पास कई संवेदनशील जानकारियां हैं, जिसे पुलिस हासिल करना चाहती है. मनीष कश्यप के खिलाफ पेड न्यूज चलाने का आरोप है. उन पर आरोप है कि गलत तरीके से उन्होंने खबरें चलाई हैं.
बिहार-तमिलनाडु में 27 केस दर्ज
'द सन ऑफ बिहार' के नाम से मशहूर मनीष कश्यप पर तमिलनाडु और बिहार के बीच फेक वीडियो के जरिए नफरत फैलाने के गंभीर आरोप हैं. EOU के बार-बार नोटिस भेजने के बावजूद मनीष कश्यप पेश नहीं हो रहे थे. इसके बाद आरोपी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया. पुलिस और ईओयू की टीम ने जब यूट्यूबर के घर छापेमारी की तो आरोपी ने सरेंडर कर दिया था.
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