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सोशल मीडिया की आड़ में देशविरोधी साजिश! ज्योति मल्होत्रा का पाकिस्तान से नया कनेक्शन उजागर, डिजिटल सबूतों ने खोला ISI का जाल

Jyoti Malhotra Case: हिसार पुलिस की जांच में सामने आया कि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ज्योति मल्होत्रा ISI के नैरेटिव प्लान की अहम कड़ी थी. फॉरेंसिक जांच में 12TB डेटा मिला, जिससे कई अहम सुराग सामने आए हैं.

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सोशल मीडिया की आड़ में देशविरोधी साजिश! ज्योति मल्होत्रा का पाकिस्तान से नया कनेक्शन उजागर, डिजिटल सबूतों ने खोला ISI का जाल

Jyoti Malhotra

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YouTuber Jyoti Malhotra Case: सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर्स वाली ज्योति मल्होत्रा अब एक खतरनाक साजिश की मुख्य कड़ी बनकर सामने आई है. हिसार पुलिस की डिजिटल फॉरेंसिक जांच ने इस हाई-प्रोफाइल सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर की पोल खोल दी है. रिपोर्ट के अनुसार, ज्योति पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI की एक 'डिजिटल एसेट' थी, जो भारत में एक खास नैरेटिव को फैलाने के लिए इस्तेमाल की जा रही थी. उसके मोबाइल और लैपटॉप से रिकवर हुए 12TB डेटा में कई चौंकाने वाले सबूत सामने आए हैं, जिनसे देश की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस अब इस केस को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर देख रही है. 

पाकिस्तान में वीआईपी ट्रीटमेंट

हिसार पुलिस को मिली डिजिटल फॉरेंसिक रिपोर्ट में यह साफ हो गया है कि ज्योति मल्होत्रा सिर्फ एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नहीं, बल्कि ISI की उस योजना का हिस्सा थी जो भारत के खिलाफ एक वैचारिक युद्ध छेड़ने की कोशिश कर रही थी. जांच में सामने आया है कि ज्योति की पहली पाकिस्तान यात्रा ISI और पाकिस्तान गृह मंत्रालय की विशेष मंजूरी से हुई थी, जहां उसे सुरक्षा और वीआईपी ट्रीटमेंट दिया गया. इसके बाद ही उसके सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स और व्यूज में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई. 

पूरे ऑपरेशन में जानबूझकर शामिल?

उसके फोन और लैपटॉप से मिले डेटा में 12TB डिजिटल सबूत मिले हैं, जिसमें कई PIOs से संपर्क, संदिग्ध मनी ट्रेल और एक-से-एक बातचीत के प्रमाण हैं. ग्रुप चैट नहीं मिलने से अंदेशा है कि वह साजिश को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दे रही थी. पुलिस अभी उसकी दोबारा हिरासत की मांग नहीं कर रही है, क्योंकि पहले डिजिटल सबूतों की गहराई से जांच की जा रही है. शुरुआती जानकारी में यह भी सामने आया है कि वह इस पूरे ऑपरेशन में जानबूझकर शामिल थी ताकि उसे सुविधाएं और आर्थिक लाभ मिल सकें. 


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जांच जारी 

आपको बता दें पिछले कुछ समय से भारतीय एजेंसियां उसकी गतिविधियों पर शुरुआत से नजर बनाए हुए थीं, जिससे समय रहते उसकी गिरफ्तारी हो सकी और एक बड़े राष्ट्रीय सुरक्षा संकट को टाल दिया गया. अब जांच फंडिंग सोर्स पर केंद्रित है ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सके. 

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