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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 'रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना' सहित 16 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई है.
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य की बेटियों की पढ़ाई और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में मंगलवार (21 जुलाई 2026) को हुई कैबिनेट बैठक में कुल 16 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई. इनमें से सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाला फैसला 'रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना' को लेकर रहा.
इसके तहत राज्य की होनहार छात्राओं को मुफ्त में पेट्रोल वाली स्कूटी दी जाएगी, जिससे उनके कॉलेज आने-जाने की दिक्कत हमेशा के लिए खत्म हो सके. इसके अलावा प्रयागराज और सोनभद्र को जोड़ने वाले एक नए एक्सप्रेसवे को भी हरी झंडी दी गई है.
ग्रामीण या दूर-दराज के इलाकों में रहने वाली बहुत सी लड़कियां सिर्फ इसलिए आगे की पढ़ाई छोड़ देती हैं या नियमित कॉलेज नहीं जा पातीं, क्योंकि उनके पास ट्रांसपोर्ट की सही सुविधा नहीं होती. इसी समस्या को देखते हुए राज्य सरकार ने यह योजना शुरू की है. सरकार का मकसद साफ है, बेटियों को पढ़ाई के लिए आत्मनिर्भर बनाना और उच्च शिक्षा में उनकी भागीदारी बढ़ाना.
शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दौरान यूपी के किसी भी मान्यता प्राप्त कॉलेज से पास होने वाली टॉप 5 फीसदी मेधावी छात्राओं को इस योजना के लिए चुना जाएगा. योजना का फायदा देने के लिए सरकार पूरी पारदर्शिता बरतेगी. सरकार ने इसमें सामाजिक पहलुओं का भी खास ख्याल रखा है. दिव्यांग छात्राओं, शहीद परिवारों की बेटियों और निराश्रित परिवार से आने वाली छात्राओं को इस लिस्ट में प्राथमिकता दी जाएगी.
कैबिनेट बैठक में केवल शिक्षा और महिला कल्याण ही नहीं, बल्कि राज्य के बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए भी बड़े फैसले हुए. प्रयागराज से सोनभद्र के बीच बनने वाले करीब 117 किलोमीटर लंबे विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे को मंजूरी मिल गई है. इससे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से सीधा संपर्क हो जाएगा, जिससे इस इलाके में व्यापार, उद्योग और पर्यटन को भारी बढ़त मिलने की उम्मीद है.
इसके अलावा आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी गई है. इन एक्सप्रेसवे का निर्माण आधुनिक EPC मोड पर किया जाएगा. गृह, परिवहन, सहकारिता, स्टांप एवं पंजीकरण तथा राज्यकर विभाग से जुड़े कई प्रशासनिक प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली है.
इस कैबिनेट बैठक में आगामी विधायी कामकाज को लेकर भी फैसला लिया गया. प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र 3 अगस्त से शुरू होकर 6 अगस्त तक चलेगा. जहां एक तरफ सरकार इस छोटे सत्र में अपने जरूरी विधेयकों को पारित कराने की तैयारी में है, वहीं दूसरी तरफ विपक्ष भी जनहित के विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है. माना जा रहा है कि यह सत्र काफी गहमागहमी से भरा हो सकता है.
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