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किसानों ने कहा कि अगर भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को गिरफ्तार नहीं किया गया तो 21 मई को भविष्य के रोडमैप पर फैसला लिया जाएगा.
डीएनए हिंदी: भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहलवानों के धरने का आज 15वां दिन है. पहलवानों के इस धरने को अब किसान और खाप का भी समर्थन मिल गया है. किसान नेता राकेश टिकैट समेत हरियाणा और पंजाब के कई नेताओं ने रविवार को जंतर मंतर पर पहलवानों से मुलाकात की. इसके बाद पहलवानों के साथ राकेश टिकैत और महत चौबीसी खाप पंचायत के प्रधान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार के अल्टीमेटम दिया कि 15 दिन के अंदर बृजभूषण गिरफ्तार होने चाहिए.
उन्होंने कहा कि खाप के लोग प्रतिदिन यहां आएंगे. आंदोलन चलाने के लिए पहलवान समितियां, खाप और किसान संगठन समर्थन देंगे. संयुक्त किसान मोर्चा और खापों की मांग है कि बृजभूषण शरण सिंह को गिरफ्तार किया जाए. अगर 15 दिन में बृजभूषण की गिरफ्तारी नहीं हुई तो 21 मई को फिर से मीटिंग होगी और उसमें बड़ा फैसला लिया जाएगा. किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि पहलवान अपना संघर्ष जारी रखें. हम सब चाहे खाप पंचायत हो या किसान संगठन बाहर से समर्थन देंगे.
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21 मई को होगा भविष्य के रोडमैप का फैसला
किसानों ने कहा कि अगर सरकार नहीं बातचीत करती तो 21 मई को भविष्य के रोडमैप पर फैसला लिया जाएगा. खिलाड़ियों का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. ये पहलवान देश की धरोहर हैं. साक्षी मलिक, बजरंग पुनिया और विनेश फोगाट 21 मई तक जंतर मंतर पर रहेंगे और यहीं से प्रैक्टिस करेंगे. साथ ही आंदोलन को जारी रखेंगे.
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धरने पर समर्थन देने रोजाना आएंगे किसान
राकेश टिकैत ने कहा कि हमारे गांव के लोग दिन में जंतर मंतर पर पहलवानों के साथ धरने पर बैठेंगे और रात में चले जाएंगे. जिन लोगों को रात में रुकना है वह रुक भी सकते हैं. जो कमेटी पहले तय की गई है वही आंदोलन को चलाएगी.
अलर्ट पर दिल्ली पुलिस
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जंतर-मंतर पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं. सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है और प्रदर्शन स्थल पर हो रही गतिविधियों पर सीसीटीवी के माध्यम से चौबीसों घंटे नजर रखी जा रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई अप्रिय घटना न हो. प्रदर्शन स्थल के साथ-साथ दिल्ली के सीमावर्ती इलाकों में भी कई अवरोधक लगाए गए हैं. बीते गुरुवार को जंतर-मंतर पहुंचने के लिए दिल्ली आ रहे किसानों के एक समूह को पुलिस ने सिंघु बॉर्डर पर रोक दिया था. अधिकारियों ने बताया कि उनमें से 24 को हिरासत में लिया गया था.
बता दें कि बृजभूषण शरण सिंह पर कुछ महिला पहलवानों द्वारा यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है. पहलवान 23 अप्रैल से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं. दिल्ली पुलिस ने 28 अप्रैल को एक नाबालिग सहित सात महिला पहलवानों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों के आधार पर सिंह के खिलाफ दो प्राथमिकियां दर्ज की थी.
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