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महिला आरक्षण बिल के क्या हैं नियम? कानून मंत्री ने सदन में दी जानकारी

Women Reservation Bill: मोदी सरकार ने कहा कि महिला आरक्षण बिल के तहत लोकसभा, राज्यसभा और विधानसभा की 33 फीसदी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी. यानी अब लोकसभा की 181 सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व होंगी.

महिला आरक्षण बिल के क्या हैं नियम? कानून मंत्री ने सदन में दी जानकारी

Arjun Ram Meghwal

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डीएनए हिंदी: मोदी सरकार ने महिला आरक्षण बिल को लोकसभा में पेश कर दिया है. कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने इस बिल को संसद में पेश करते हुए इसकी खूबियां बताईं. उन्होंने बताया कि महिला आरक्षण बिल के तहत लोकसभा, राज्यसभा और विधानसभा की 33 फीसदी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी. यानी अब देश की 542 लोकसभा सीटों में से 181 सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व होंगी. इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने ऐलान किया था कि महिला आरक्षण बिल का नाम 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' होगा. 

लोकसभा में बिल के पेश करते हुए कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू होने के बाद हमारा लोकतंत्र और मजबूत होगा. हमारी सरकार इस अधिनियम को कानून बनाने के लिए संकल्पबद्ध है. केंद्रीय मंत्री ने जब यह बिल पेश किया तो संसद में जोरदार हंगामा हुआ. विपक्ष का कहना था कि बिना सर्कुलेट किए बिल के सदन में कैसे पेश कर दिया गया. क्योंकि जब भी संसद में कोई बिल पेश किया जाता है तो उसकी कॉपी पहले सासंदों को दी जाती है. इस पर मेघवाल ने कहा कि बिल वेबसाइट पर अपलोड हो चुका है. चाहे तो सांसद वहां से देख सकते हैं. अब इस विधेयक पर बुधवार से बहस होगी.

महिला आरक्षण में बिल में क्या होगा खास

  • लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित होंगी. 
  • लोकसभा की 543 में से 181 सीटें महिलाओं के लिए होंगी.
  • दिल्ली समेत राज्यों की विधानसभाओं में भी महिला आरक्षण बिल लागू होगा.
  • SC,ST कोटे के अंदर ही महिलाओं को आरक्षण का फायदा मिलेगा.
  • महिला आरक्षण रोटेशन पद्धति के अनुसार लागू किया जाएगा जैसा कि निकाय चुनावों में होता है.
  • संविधान में 128वें संशोधन के माध्यम से नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू किया जाएगा.
  • नारी शक्ति वंदन अधिनियम शुरुआत में सिर्फ 15 साल के लिए लागू होगा.
  • संसद बाद में इसे बढ़ाने पर विचार कर सकती है.
  • कानून बनने के बाद इसका नाम नारी शक्ति वंदन अधिनियम होगा.

क्या बोले थे पीएम मोदी
पीएम मोदी ने मंगलवार को कहा की उनकी सरकार लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिला आरक्षण के प्रावधान वाले नारीशक्ति वंदन विधेयक को कानून बनाने के लिए संकल्पबद्ध है. उन्होंने नए संसद भवन में कार्यवाही के पहले दिन लोकसभा में अपने वक्तव्य में यह भी कहा कि महिला आरक्षण विधेयक पहले भी कई बार संसद में पेश किया जा चुका है, लेकिन महिलाओं को अधिकार देने, उनकी शक्ति का उपयोग करने के इस काम के लिए ईश्वर ने ऐसे कई पवित्र कार्यों के लिए मुझे चुना है.

ये भी पढ़ें- 27 साल पहले इस नेता ने संसद में पेश किया था महिला आरक्षण बिल, जानें कहां फंसा था पेंच 

पीएम मोदी ने कहा कि आज इस ऐतिहासिक मौके पर नये संसद भवन में सदन की पहली कार्यवाही के रूप में देश में नये बदलाव का आह्वान किया जा रहा है. देश की नारीशक्ति के लिए सभी सांसद मिलकर नए प्रवेश द्वार खोल दें. इसका आरंभ हम इस महत्वपूर्ण निर्णय से करने जा रहे हैं. प्रधानमंत्री ने कहा, ‘नए सदन के प्रथम सत्र के प्रथम भाषण में मैं बड़े विश्वास और गर्व से कह रहा हूं कि आज के ये पल, आज का यह दिवस आशीर्वाद प्राप्त करते हुए इतिहास में नाम दर्ज करने वाला समय है. यह हम सबके लिए गर्व करने वाला पल है.

उन्होंने कहा कि महिला नीत विकास के अपने संकल्प को आगे बढ़ाते हुए सरकार आज प्रमुख संविधान संशोधन विधेयक पेश करने जा रही है जिसका लक्ष्य लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी का विस्तार करने का है. मोदी ने कहा, ‘‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से हमारा लोकतंत्र और मजबूत होगा. मैं देश की माताओं, बहनों और बेटियों को नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं.

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