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बैसरन एक बड़ा मैदान है. यह नदियों, घने जंगलों और कीचड़ से भरा है है. यहां सर्पीले ट्रेक मार्ग से पहुंचा जा सकात है. भारी संख्या में पर्यटकों के आने के बावजूद, पहलगाम-बैसरन मार्ग पर कोई सुरक्षा तैनाती नहीं थी. जानें अधिकारियों ने क्या बताई वजह?
Pahalgam Baisaran attack: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के बैसरन इलाके में बीते मंगलवार कुल 26 पर्यटकों को आतंकवादियों ने मार दिया. किसी को सिर में गोली मारी तो किसी के पति की जान ले ली. किसी को जवान विधवा बना दिया तो किसी की मांग हमेशा-हमेशा के लिए सूनी कर दी. इस विभत्स नरसंहार के बीच भारत सरकार पर सवा उठ रहे हैं कि आखिर बैसरन में कोई सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं थी?
पहलगाम का बैसरन एक बड़ा मैदान है. यह पहलगाम के दक्षिण पूर्व में स्थित है. बैसरन नदियों, घने जंगलों और कीचड़ से भरा है है. यहां सर्पीले ट्रेक मार्ग से पहुंचा जा सकात है. भारी संख्या में पर्यटकों के आने के बावजूद, पहलगाम-बैसरन मार्ग पर कोई सुरक्षा तैनाती नहीं थी. हिंदुस्तान डॉट कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, घटनास्थल का दौरा करने वाले एक अधिकारी ने बताया कि बैसरन और उसके आस-पास के जंगलों में केवल सुक्षा बल हैं. यह इलाका पारंपिक रूप से शांतिपूर्ण रहा है, जिस वजह से सुरक्षा बल स्थायी रूप से तैनात नहीं हैं. हालांकि, पास में ही केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की एक बटालियन तैनात है. वहीं, शीर्ष अधिकारियों का कहना है कि हर जगह को सुरक्षित करना संभव नहीं था, खासकर जहां कोई खतरा न हो.
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वहीं, एक अन्य अधिकारी का कहना है कि दशकों में पर्यटकों को कभी निशाना नहीं बनाया गया. आतंकवादियों ने इस स्थान को इसलिए चुना क्योंकि घाटी के मध्य भाग में हमला करने से अधिकतम लाभ मिलता.' अधिकारियों का कहना है कि आतंकवादी तीन अलग-अलग जगहों से बाड़ वाले पार्क में घुसे और सैलानियों का नाम पूछकर मारना शुरू कर दिया. आतंकियों का मकसद ज्यादा से ज्यादा पर्यटकों को मारना था. अब सुरक्षा बलों ने आतंकियों के संभावित भागने के रास्तों कोकरनाग, डक्सुम और किश्तवाड़ को बंद कर दिया है.
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