Advertisement

दिल्ली की इन सीटों पर Congress से क्यों नाराज है AAP? जानें इंडिया ब्लॉक के दो घटक दलों के बीच तकरार की बड़ी वजह

आप ने कांग्रेस के नेताओं पर चुनावी मंचों से अरविंद केजरीवाल के खिलाफ बयान देने का आरोप लगाया है. दोनों ही पार्टियों के बीच सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. जानकारों के मुताबिक़ दिल्ली विधानसभा की कुछ सीटों को लेकर आप कांग्रेस से खफा है. आइए इन खास सीटों के बारे में जानते हैं.

Latest News
दिल्ली की इन सीटों पर Congress से क्यों नाराज है AAP? जानें इंडिया ब्लॉक के दो घटक दलों के बीच तकरार की बड़ी वजह
Add DNA as a Preferred Source

दिल्ली में विधानसभा चुनाव को लेकर कुछ ही समय बचा हुआ है. इसको लेकर सभी पार्टियां जोर शोर से तैयारी करती हुई नजर आ रही है. लगातार प्रेस कान्फ्रेंस किए जा रहे हैं. आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला बदस्तूर जारी है. प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की जा रही है. इसी बीच इंडिया ब्लॉक के दो प्रमुख घटक दलों कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) की बीच सियासी उठापटक जारी है. आप की ओर से कांग्रेस पर लगातार निशाना साधा जा रहा है. आप कांग्रेस के नेताओं पर चुनावी मंचों से अरविंद केजरीवाल के खिलाफ बयान देने का आरोप लगा रही है. जानकारों के मुताबिक़ दिल्ली विधानसभा की कुछ सीटों को लेकर आप कांग्रेस से खफा है. आइए इन खास सीटों के बारे में जानते हैं.

नई दिल्ली विधानसभा सीट
इन सीटों में सबसे पहले नंबर पर है नई दिल्ली विधानसभा की सीट. इस सीट से वर्तमान में आप संयोजक और दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल विधायक हैं. ये सीट परंपरागत तौर पर 2014 से पहले कांग्रेस की सीट मानी जाती थी, दिल्ली की पूर्व सीएम शीला दीक्षित इस सीट से कई बार विधायक बनी थीं. कांग्रेस ने इस बार अपनी पहली लिस्ट जारी करके यहां से शीला दीक्षित के बेटे संदीप दीक्षित को मैदान में उतारा है. इस सीट पर दीक्षित परिवार की अच्छी पकड़ मानी जाती है. संदीप दीक्षित के मैदान में आ जाने से अरविंद केजरीवाल की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, और बीजेपी भी इस स्थिति का फायदा उठाना चाहेगी.

जंगपुरा विधानसभा सीट
जंगपुरा की विधानसभा सीट से दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम और आप के बड़े नेता मनीष सिसोदिया इस समय आम आदमी पार्टी से मैदान में उतरे हुए हैं. वो इससे पहले पटपड़गंज से विधायक थे. इस बार वो यमुना क्रॉस करके जंगपुरा आए. उस समय कहा गया कि वो एक सुरक्षित सीट की तलाश में यहां पर आए हुए हैं. लेकिन यहां भी कांग्रेस के फरहाद सूरी उनके लिए मुश्किल साबित होते नजर आ रहे हैं. वो लगभग आज से 15 साल पूर्व दिल्ली के मेयर के पद पर भी विराजमान हो चुके हैं. जंगपुरा में अच्छी ख़ासी मुस्लिमों की आबादी है. साथ ही माना जाता है कि इस इलाक़े में फरहाद अच्छी पकड़ रखते हैं. ऐसे में वो मनीष सिसोदिया के किए मुश्किल खड़ी कर सकते हैं. वोटों का बिखराव हुआ तो इसका फायदा यहां बीजेपी को भी मिल सकता है.

खबर की और जानकारी के लिए डाउनलोड करें DNA App, अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें  हमारे गूगलफेसबुकxइंस्टाग्रामयूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement