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लालू प्रसाद यादव को क्यों बनानी पड़ी थी नई पार्टी? जानिए RJD की स्थापना के पीछे की ये रोचक कहानी

लालू यादव का राजनीतिक संबंध किसी बड़े घराने से नहीं रहा है. वे बेहद ही सामान्य परिवार में जन्में थे. उनका सपना सिपाही बनने का था, लेकिन किस्मत ने उन्हें देश का बड़ा नेता बना दिया. 1990 में वे पहली बार बिहार के मुख्यमंत्री चुने गए और चारा घोटाला में उन्हें जेल भी जाना पड़ा.

लालू प्रसाद यादव को क्यों बनानी पड़ी थी नई पार्टी? जानिए RJD की स्थापना के पीछे की ये रोचक कहानी

लालू यादव 

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लालू यादव का जन्म 11 जून 1948 को बिहार के गोपालगंज में हुआ. उनका जीवन संघर्षों से भरा हुआ था. एक साधारण गरीब परिवार निकलकर उन्होंने राजनीति में जो मुकाम हासिल किया वह विरले ही कोई कर पाता है. उनका छात्र जीवन सामान्य रहा और गोपालगंज से स्कूली पढ़ाई के बाद के पटना के बीएन कॉलेज से ग्रेजुएशन किया. इसके बाद उन्होंने पटना के लॉ कॉलेज से एलएलबी की पढ़ाई पूरी की. छात्र राजनीति के दौरान ही वह राजनीति में सक्रिय हुए और वे पहली बार छात्र संघ चुनाव में महासचिव के पद पर विजयी हुए.

लालु प्रसाद यादव को किसलिए बनानी पड़ी RJD पार्टी

1996 से 1998 के दौर में भारत में केन्द्र की राजनीति बहुत ही अस्थिर थी. तब लालू प्रसाद यादव जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष हुआ करते थे और इसके साथ बिहार के मुख्यमंत्री भी थे. उनकी ही पार्टी के नेता प्रधानमंत्री भी थे. इसी दौर में CBI ने चारा घोटाले में लालू प्रसाद यादव के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने का फैसला किया. जब अटल बिहारी वाजपेयी 13 दिन के लिए प्रधानमंत्री थे तभी CBI ने लालू के चारा घोटाले की फाइल खुली थी लेकिन उस फाइल को आगे बढ़ाने का काम HD देवगौड़ा की सरकार में किया गया था. लालू यादव चारा घोटाले की जांच लेकर शरद यादव के साथ HD देवगौड़ा से कई बार मिल चुके थे लेकिन उन्हें लग रहा था कि हमारा प्रधानमंत्री हमारे ही काम नहीं आ रहा है. देवगौड़ा की जगह संयुक्त मोर्चा ने इंद्र कुमार गुजराल को प्रधानमंत्री बनाया गया, गुजराल को भी लालू यादव का करीबी बताया गया था. लेकिन उनके शासन मे्ं भी लालू यादव पर शिकंजा कसता गया और उनके साथी उनका साथ छोड़ते जा रहे थे. लालू इस बात के दोहराते रहे कि उन्हें साजिश का शिकार बनाया जा रहा है. 'जुलाई' 1997 में पार्टी के अध्यक्ष पद का चुनाव होना था और शरद पवार आखिरी समय में अध्यक्ष पद की दौड़ में आगे कूदने लगे. लालू यह सब देखकर परेशान होने लगे उन्होंने कहा यहां मेरा धैर्य खत्म हो गया और मैंने सोच लिया कि अब काफी हो गया है. लालू प्रसाद यादव ने गुजराल को दूसरा प्रस्ताव भी दिया कि वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे देंगे लेकिन अध्यक्ष पद नहीं छोड़ेंगे. हालांकि तब तक यह तय हो चुका था कि उन्हें मुख्यमंत्री पद से आज नहीं तो कल इस्तीफा देना ही पड़ेगा. फिर 5 जुलाई को बिहार सदन में लालू यादव ने राष्ट्रीय जनता दल के गठन का एलान कर दिया था. उनके नेतृत्व में पार्टी के 22 सांसदों में 16 सांसद शामिल हुए और छह राज्यसभा के सांसदों ने भी लालू प्रसाद यादव के नेतृत्व को स्वीकार कर लिया.

RJD की स्थापना में किन - किन लोगों का लिया साथ

लालू यादव ने 5 जुलाई 1997 को राधानी दिल्ली में RJD( राष्ट्रीय जनता दल ) का गठन किया. इतनी बड़ी पार्टी का गठन करना आसान नहीं था. इसीलिए उन्होंने बड़ी तादाद में कार्यकर्ता और समर्थक जुटाए. जिसमें रघुवंश सिंह , कांति सिंह समेत 17 लोकसभा सांसद और 8 राज्यसभा सांसद शामिल रहे. पार्टी के स्थापना के वक्त ही उनको पार्टी का अध्यक्ष चुन लिया गया. लालू ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा था कि हमारा पार्टी एकदम ओरिजिनल पार्टी होगी. 1997 में चारा घोटाले में आरोपित होने के बाद लालू ने राजनीति में एक बहुत बड़ा दाव खेला. 24 जुलाई, 1997 को लालू ने अपनी पत्नी राबड़ी देवी को सीएम बनाकर राजनीतिक गलियारे में सबको चौका दिया.



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बिहार की राजनीति के सूरमा कब और कैसे बने लालू यादव

लालू यादव मात्र 29 साल की उम्र में 1977 में जनता पार्टी के के उम्मीदवार के रूप में लोकसभा सांसद चुने गए और सबसे कम उम्र में सांसद बनकर उभरे. इसी समय बिहार की राजनीति में खलबली मच गई, की अब बिहार की जनता को एक नया दूरदर्शी नेता मिल गया है जो अब दिल्ली की संसद में बिहार की आवाज बनेगा. इसके बाद लालू यादव वर्ष 1980 और 1985 में बिहार विधानसभा के सदस्य भी रहे. उन्हें 1989 में नेता प्रतिपक्ष भी बनने का मौका मिला और उन्होंने इस जिम्मेदारी को बखूबी ढंग से निभाया भी. इसके बाद 1990 में बिहार के मुख्यमंत्री बने. इसके अलावा इस पार्टी की 2015 से 2017 और 2022 तक नीतीश कुमार के साथ सत्ता की साझेदारी है. इस दौरान उनके बेटे तेजस्वी यादव उप मुख्यमंत्री भी रहे. लेकिन वर्तमान में उनकी पार्टी नीतीश कुमार (जदयू ) से अगल हो चुकी है और लालू के बेटे तेजस्वी कुमार विपक्ष के नेता बने है.

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