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त्रिपुरा में कौन होगा नया मुख्यमंत्री? अमित शाह के घर BJP का मंथन, हिमंत बिस्वा समेत कई नेता मौजूद

बीजेपी ने त्रिपुरा में लगातार दूसरी बार जीत हासिल की है और नगालैंड में उसने गठबंधन के अपने घटक दल एनडीपीपी के साथ मिलकर सत्ता बरकरार रखी है.

त्रिपुरा में कौन होगा नया मुख्यमंत्री? अमित शाह के घर BJP का मंथन, हिमंत बिस्वा समेत कई नेता मौजूद

amit shah

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डीएनए हिंदी: पूर्वोत्तर की तीन राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने त्रिपुरा और नगालैंड में शानदार जीत दर्ज की है. जबकि मेघालय में भी बीजेपी गठबंधन की सरकार बनाने की तैयारी में जुटी है. त्रिपुरा में नए सीएम को लेकर गुटबाजी नजर आ रही है. इसी को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के घर बीजेपी की बैठक चल रही है. इस बैठक में बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा समेत कई नेता पहुंचे हैं. इस बैठक में नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो भी इस बैठक में उपस्थित हैं.

बैठक में त्रिपुरा के नए मुख्यमंत्री और दोनों राज्यों में मंत्रिमंडल के स्वरूप और सरकार गठन को लेकर चर्चा की जाएगी. भाजपा ने त्रिपुरा में लगातार दूसरी बार जीत हासिल की है और नगालैंड में उसने गठबंधन के अपने घटक दल नेशनल डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (एनडीपीपी) के साथ मिलकर सत्ता बरकरार रखी है. पूर्वोत्तर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मुख्य संकटमोचक हिमंत बिस्वा को त्रिपुरा में मुख्यमंत्री पद पर आम सहमति का उम्मीदवार बनाने के लिए पार्टी की स्थानीय इकाई के भीतर गुटबाजी को खत्म करने के वास्ते राज्य में भेजे जाने की खबरें हैं.

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पार्टी के सूत्रों ने बताया कि एक पक्ष निवर्तमान मुख्यमंत्री माणिक साहा के पक्ष में है जबकि पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब देब के समर्थकों वाला एक अन्य गुट केंद्रीय मंत्री प्रतिमा भौमिक के पक्ष में है. मुख्यमंत्री माणिक साहा ने सीएम पद से इस्तीफा भी दे दिया है. पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि विधायक दल के नेता का चुनाव करने के लिए भाजपा के नव निर्वाचित विधायकों की एक बैठक होगी लेकिन अभी इसकी तारीख तय नहीं है. भाजपा ने 60 सदस्यीय विधानसभा में 32 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है जबकि उसके सहयोगी दल आईपीएफटी ने एक सीट जीती है.

2 मार्च को आए थे नतीजे
राज्य विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 16 फरवरी को हुआ था और नतीजों की घोषणा 2 मार्च को की गई. पार्टी के अंदरुनी सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय नेतृत्व साहा के पक्ष में है क्योंकि वह अभी तक विवादों में नहीं रहे हैं और वह आदिवासी इलाकों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं जिन्होंने ग्रेटर टिपरालैंड राज्य की मांग को लेकर व्यापक पैमाने पर टिपरा मोथा को वोट दिया. भाजपा नेता 8 मार्च को शपथ ग्रहण समारोह के लिए तैयारियों को अंतिम रूप देने इस बैठक में फाइनल निर्णय ले सकते हैं. शपथ ग्रहण कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के भाग लेने की संभावना है.

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सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री भौमिक ने आसान अंतर से धनपुर विधानसभा सीट से जीत हासिल की है. जब देब के स्थान पर पिछले साल 14 मार्च को माणिक साहा को मुख्यमंत्री बनाया गया था तो मंत्री राम प्रसाद पॉल की अगुवाई में भाजपा विधायकों के एक समूह ने पार्टी विधायकों की बैठक में गुस्सा जताया था. राजनीतिक विश्लेषक और वरिष्ठ पत्रकार शेखर दत्ता का मानना है कि भौमिक को समझौते के तौर पर उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है. उन्होंने कहा, ‘‘यह बात समझनी होगी कि भाजपा ने साहा के नेतृत्व में मुश्किल हालात में चुनाव लड़ा और जीता. बिप्लब कुमार देब ने 2018 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से कांग्रेस प्रत्याशी गोपाल चंद्र रॉय को 12,000 मतों से हराया था. इस बार भाजपा उम्मीदवार राजीब भट्टाचार्य कांग्रेस उम्मीदवार गोपाल चंद्र रॉय से 1,369 मतों के अंतर से चुनाव हार गए. (भाषा इनपुट के साथ)

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