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कौन हैं नरेंद्र मान? तहव्वुर राणा के खिलाफ सरकारी वकील नियुक्त, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सौंपी बड़ी जिम्मेदारी

मुंबई में हुए आतंकी हमले का माटरमाइंड तहव्वुर राणा के खिलाफ एडवोकेट नरेंद्र मान को स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नियुक्त किया गया है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उन्हें एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है.

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कौन हैं नरेंद्र मान? तहव्वुर राणा के खिलाफ सरकारी वकील नियुक्त, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सौंपी बड़ी जिम्मेदारी
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मुंबई में 26 नवंबर 2008 को हुए आतंकी हमले का मुख्य साजिशकर्ता तहव्वुर राणा को भारत लाया जा रहा है. दिल्ली में उसे एनआईए कोर्ट में पेश करने के बाद तिहाड़ जेल में रखा जाएगा. इस केस के लिए केंद्र सरकार ने एडवोकेट नरेंद्र मान को स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नियुक्त किया है. अधिसूचना के अनुसार मान आगामी तीन वर्षों तक मुंबई हमले से संबंधित केस में दिल्ली स्थित एनआईए की विशेष अदालतों और विभिन्न हाईकोर्ट में पैरवी करेंगे. 

गृह मंत्रालय ने जारी की अधिसूचना

गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है, 'राष्ट्रीय जांच एजेंसी अधिनियम, 2008 (2008 का 34) की धारा 15 की उपधारा (1) तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (BNSS) की धारा 18 की उपधारा (8) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए केंद्र सरकार अधिवक्ता नरेंद्र मान को एनआईए केस RC-04/2009/NIA/DLI की सुनवाई और अन्य संबंधित मामलों के लिए विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करती है.' यह नियुक्ति अधिसूचना के प्रकाशन की तिथि से प्रभावी मानी जाएगी और तीन वर्षों तक अथवा मामले के परीक्षण की समाप्ति तक (जो भी पहले हो) लागू रहेगी.

26/11 Mumbai Terror Attack Conspiracy case | The Central Government appoints Narender Mann, Advocate, as Special Public Prosecutor for conducting trials and other matters related to NIA case RC-04/2009/NIA/DLI (against Tahawwur Hussain Rana and David Coleman Headley) on behalf of… pic.twitter.com/MOPNTIPrRj

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कौन हैं नरेंद्र मान 

एडवोकेट नरेंद्र मान एक जानेमाने वकील हैं. उनके व्यापक कानूनी अनुभव और आपराधिक मामलों में दक्षता के आधार पर उन्हें 26/11 मुंबई आतंकी हमला केस में चुना गया है. तहव्वुर राणा के खिलाफ पेश सबूत से पाकिस्तान का भी चेहरा सामने आ सकता है. अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने पाकिस्तानी-कनाडाई नागरिक तहव्वुर हुसैन राणा के भारत प्रत्यर्पण की मंजूरी देने के बाद उसे भारत लाया जा रहा है. राणा को भारत लाने के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) उसको हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू करेगी. आपको बता दें कि नरेंद्र मान ने 2018 में कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) के पेपर लीक मामले में भी बहस की थी. उनके ऐसे ही रिकॉर्ड को ध्यान में रखते हुए केंद्र ने उन्हें इस मामले में सरकारी वकील नियुक्त किया है.

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