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IPS Bushra Bano: वेस्ट बंगाल की महिला आईपीएस अधिकारी बुशरा बानो की चर्चा देश भर में हो रही है. उनका एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है, जिसकी आलोचन हो रही है. राज्य सरकार ने कल उनका ट्रांसफर सशस्त्र पुलिस में कर दिया है.
IPS Bushra Bano: पश्चिम बंगाल कैडर की आईपीएस बुशरा बानो इन दिनों चर्चा में हैं. उनके एक बयान के कारण राज्य सरकार ने उन पर एक्शन करते हुए उनका ट्रांसफर सोमवार को कर दिया. खड़गपुर की एडिशनल एसपी बुशरा बानो का तबादला राज्य सशस्त्र पुलिस में डिप्टी कमांडेंट के पद पर किया गया है. उनका यह तबादला ऐसे समय हुआ है, जब कुछ दिन पहले उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. आइए जानते हैं कि पूरी कहानी क्या है और महिला आईपीएस अधिकारी क्यों चर्चा में हैं, तबादले की वजह क्या है?
आईपीएस बुशरा बानो ने 13 सितंबर को जारी किए गए वीडियो में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के अपने अनुभव साझा किए थे. उन्होंने बताया था कि किस तरह अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) की रेजिडेंशियल कोचिंग एकेडमी ने उनकी UPSC की तैयारी में मदद की. वीडियो का उद्देश्य सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं को प्रेरित करना था.
वीडियो सोशल मीडिया पर आने के बाद आपत्ति जताई कि वीडियो की शुरुआत में उन्होंने 'अस्सलाम-अलैकुम' कहा और बातचीत के दौरान 'इंशाल्लाह' और 'जज़ाकल्लाह' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया. सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि एक IPS अधिकारी को सार्वजनिक बातचीत के दौरान 'जय हिंद' या 'वंदे मातरम' जैसे अभिवादन का इस्तेमाल करना चाहिए था.
वहीं सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर बहस तेज होने के बाद 'हिंदू लीगल फंड' नाम के एक X हैंडल ने दावा किया कि उसने इस वीडियो को लेकर पश्चिम बंगाल के गृह सचिव से शिकायत की है.
इस हैंडल की ओर से आरोप लगाया गया कि भारतीय राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले एक सेवारत अधिकारी को सार्वजनिक संवाद में निष्पक्षता बनाए रखनी चाहिए और राष्ट्रीय भावनाओं से जुड़े शब्दों का इस्तेमाल करना चाहिए.
राज्य सरकार के प्रशासनिक फेरबदल में बुशरा बानो के अलावा दो अन्य पुलिस अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारी दी गई है. पार्थ घोष को खड़गपुर का नया एडिशनल एसपी बनाया गया है. वहीं सुभेंदु मंडल का तबादला करते हुए उन्हें चंदननगर पुलिस कमिश्नरेट में एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (एडिशनल DC) की जिम्मेदारी दी गई है.
बुशरा बानो यूपी के कन्नौज जिले की रहने वाली हैं. उन्होंने 2020 में यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा पास की थी और उनका चयन भारती पुलिस सेवा के लिए किया गया. वह 2021 बैच वेस्ट बंगाल कैडर की आईपीएस अधिकारी हैं.
उनकी रैंक 223वीं थी. इससे पहले साल 2018 में भी उन्हेंने यूपीएससी परीक्षा पास की थी और 277वीं रैंक हासिल थी. उस चयन इंडियन रेलवे ट्रैफिक सर्विस में हुआ था.
उनकी पहली पोस्टिंग हुगली रूरल में असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (ASP) के तौर पर हुई थी. इस साल जून में, उन्हें एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (Addl SP) के पद पर प्रमोट किया गया था और वह खड़गपुर में तैनाती की गई थी.
उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (Ph.D.), ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा उन्होंने यूपी की डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी से एचआर/ फाइनेंस में एमबीए भी किया है.
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