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भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद के लिए एनडीए का उम्मीदवार घोषित किया. लेकिन, सीपी राधाकृष्णन कौन हैं और उनका राजनैतिक करियर कैसा है, चलिए जानें?
21 जुलाई को जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों से अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया. इसके कारण, उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव 9 सितंबर को होगा. वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने अपने उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर दी है. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के लिए सीपी राधाकृष्णन के नाम की घोषणा की. सीपी राधाकृष्णन महाराष्ट्र के वर्तमान राज्यपाल हैं. इससे पहले, उन्होंने झारखंड के उपराज्यपाल पद की जिम्मेदारी भी संभाली है. वह दो बार लोकसभा के सांसद भी चुने गए हैं. आइए जानते हैं उनके बारे में.
सीपी राधाकृष्णन कौन हैं?
सीपी राधाकृष्णन का पूरा नाम चंद्रपुरम पोन्नुसामी राधाकृष्णन है. उनका जन्म 20 अक्टूबर 1957 को हुआ था. राधाकृष्णन 31 जुलाई 2024 से महाराष्ट्र के 24वें और वर्तमान राज्यपाल के रूप में कार्यरत हैं. उन्होंने फरवरी 2023 से जुलाई 2024 तक झारखंड के राज्यपाल, मार्च 2024 से जुलाई 2024 तक तेलंगाना के राज्यपाल और पुडुचेरी के उपराज्यपाल के रूप में भी कार्य किया है. राधाकृष्णन भाजपा के सदस्य थे. इस दौरान, वे कोयंबटूर से दो बार लोकसभा के लिए चुने गए. वे तमिलनाडु भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भी रहे.
लोकसभा में कभी जीत, कभी हार
सीपी राधाकृष्णन 5 बार लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं. हालाँकि, उन्हें केवल दो बार ही जीत मिली है. उन्होंने पहली बार 1998 के लोकसभा चुनाव में कोयंबटूर से जीत हासिल की थी. इसके बाद, उन्होंने 1999 के लोकसभा चुनाव में भी जीत हासिल की. हालाँकि, उन्हें 2004, 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में हार का सामना करना पड़ा.
जगदीप धनखड़ ने कब दिया इस्तीफा?
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई की रात अचानक अपने इस्तीफे की घोषणा कर दी. उनका इस्तीफा उपराष्ट्रपति के आधिकारिक एक्स हैंडल पर देखा गया. राष्ट्रपति को लिखे इस त्यागपत्र में जगदीप धनखड़ ने अपने स्वास्थ्य का हवाला दिया है. जगदीप धनखड़ ने संविधान के अनुच्छेद 67 (ए) का हवाला देते हुए राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा सौंपा. इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रिमंडल का आभार व्यक्त किया और कहा, "कार्यकाल के दौरान मैंने बहुत कुछ सीखा है."