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गाजियाबाद में क्यों घेर लिया गया डीएम का दफ्तर? कौन है 'हिस्ट्रीशीटर' पिंकी चौधरी?

Bhupendra Chaudhary Pinki Tomar: हिंदू रक्षा दल के मुखिया भूपेंद्र चौधरी की हिस्ट्रीशीट खोले जाने के बाद भूपेंद्र और उनके समर्थकों ने गाजियाबाद के जिलाधिकारी दफ्तर का घेराव शुर कर दिया है.

गाजियाबाद में क्यों घेर लिया गया डीएम का दफ्तर? कौन है 'हिस्ट्रीशीटर' पिंकी चौधरी?

Pinki Tomar

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डीएनए हिंदी: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले की पुलिस ने हाल ही में हिंदू रक्षा दल के अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी उर्फ पिंकी तोमर के खिलाफ गुंडा एक्ट और हिस्ट्रीशीट खोलने की कार्रवाई की है. इसी के खिलाफ मंगलवार को गाजियाबाद में डीएम दफ्तर पर प्रदर्शन हो रहा है. कई साधु-संतों ने भी इस प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया है. डीसीपी ने साफ तौर पर कह दिया है कि जनपद में धारा-144 लागू है. अगर बिना अनुमति लोग इकट्ठा होते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है.

दरअसल, 23 सितंबर को शालीमार गार्डन थाना क्षेत्र में नाले में गोवंश के अवशेष मिले थे. इस सूचना पर पिंकी चौधरी अपने समर्थकों सहित पहुंचे थे. यहीं से पिंकी ने फेसबुक लाइव किया और हिन्दुओं के लिए भी आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया. शालीमार गार्डन थाना पुलिस ने इस मामले में 2 अक्टूबर को पिंकी चौधरी पर एफआईआर दर्ज की थी. 1 अक्टूबर को राजनगर एक्सटेंशन में पुलिस द्वारा 'जय माता दी' स्टीकर लगे वाहन का चालान काटने पर हिन्दू रक्षा दल ने हंगामा किया और धरना दिया था.

पहले से दर्ज हैं कई केस
यहां भी पिंकी चौधरी ने ट्रैफिक पुलिसकर्मी से अभद्रता की और मोबाइल छीनने का प्रयास किया था. इस मामले में हेड कांस्टेबल दिनेश कुमार ने थाना नंदग्राम में भूपेंद्र चौधरी उर्फ पिंकी भैया और 10-12 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया. 3 अक्टूबर को साहिबाबाद पुलिस ने पिंकी चौधरी के खिलाफ गुंडा एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया. इसमें पुराने चार मुकदमों का हवाला दिया गया है, जो अलग-अलग थानों में दर्ज हैं.

डीसीपी शुभम पटेल ने बताया, पिंकी चौधरी पर पूर्व में कई मुकदमे दर्ज हैं. इस आधार पर गुंडा एक्ट की कार्रवाई की गई है. 7 अक्टूबर को पुलिस ने पिंकी चौधरी की हिस्ट्रीशीट खोल दी. इस कार्रवाई के खिलाफ पिंकी चौधरी ने मंगलवार को गाजियाबाद में डीएम दफ्तर घेरने का ऐलान किया. पिंकी चौधरी ने सोमवार रात वीडियो बयान जारी कर कहा, 'मैं थाने की दीवार पर अपराधियों की सूची में अपना नाम नहीं लिखवा सकता इसलिए आज डीएम कार्यालय पर परिवार सहित इच्छामृत्यु मांगने आ रहा हूं.' इधर, श्रीपंच दशनाम जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरि सहित कई साधु-संतों ने भी इस प्रदर्शन को अपना समर्थन दे दिया है.

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