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झांसी जेल में बंद अपने बड़े भाई अली अहमद से मुलाकात कर लौटते समय आबान अहमद की कार बेकाबू होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई.
पूर्व सांसद और माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे आबान अहमद की झांसी-कानपुर हाईवे पर पूंछ थाने के पास गुरुवार (6 अगस्त 2026) को सड़क हादसे में जान चली गई. इस हादसे में आबान के साथ मौजूद उसके एक दोस्त की भी मौत हो गई, जबकि गाड़ी में सवार 3 अन्य दोस्त बुरी तरह घायल हो गए हैं.
आबान अपने दोस्तों के साथ झांसी जेल में बंद अपने बड़े भाई अली अहमद से मिलने आया हुआ था. मुलाकात खत्म करके जब सभी लोग वापस लौट रहे थे, तभी पूंछ इलाके के पास उनकी कार अचानक बेकाबू होकर हादसे का शिकार हो गई. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि गाड़ी के परखच्चे उड़ गए. राहगीरों और स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस और एम्बुलेंस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची.
पुलिस ने सभी घायलों को तुरंत पास के मोठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया. वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद आबान और उसके एक दोस्त को मृत घोषित कर दिया. वहीं बाकी तीनों घायलों की हालत बेहद नाजुक है जिन्हें डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया, जहां फिलहाल उनका इलाज चल रहा है. हादसे की खबर मिलते ही आला अफसर तुरंत घटनास्थल और अस्पताल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया.
पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर कानूनी प्रक्रिया पूरी की और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया. शुरुआती जांच के आधार पर पुलिस का मानना है कि हादसा कार की तेज रफ्तार और ड्राइवर का संतुलन बिगड़ने की वजह से हुआ. अतीक अहमद के परिवार से जुड़ा मामला होने के कारण पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड़ पर है. अस्पताल से लेकर हाईवे तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर दिए गए हैं और अधिकारी हादसे की हर पहलू से जांच कर रहे हैं.
आबान अहमद माफिया डॉन अतीक अहमद का सबसे छोटा यानी पांचवां बेटा था. उससे बड़ा भाई अहजम है, जबकि दो बड़े भाई उमर और अली फिलहाल जेल में बंद हैं. अतीक के तीसरे बेटे असद को पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया था. जब 2023 में उमेश पाल की हत्या हुई थी, उस वक्त आबान और अहजम दोनों नाबालिग थे.
वारदात के बाद पुलिस ने आबान और उसके बड़े भाई मोहम्मद अहजम को हिरासत में लेकर बाल सुधार गृह भेज दिया था. उस वक्त उसकी मां शाइस्ता परवीन ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और आरोप लगाया था कि पुलिस उनके बेटों की सही जानकारी नहीं दे रही है.
करीब 221 दिनों तक दोनों वहीं रहे. अक्टूबर 2023 में जब अहजम 18 साल का हो गया, तब बाल कल्याण समिति ने दोनों भाइयों को उनकी बुआ के सुपुर्द कर दिया. दोनों भाई इस समय हटवा इलाके में अपने किसी रिश्तेदार के घर पर रह रहे थे और उन्हें पुलिस सुरक्षा भी मिली हुई थी.
अतीक अहमद कभी पूरे पूर्वी उत्तर प्रदेश में खौफ का पर्याय माना जाता था. अतीक अहमद पर हत्या, रंगदारी और अपहरण जैसे 100 से भी ज्यादा संगीन मामले दर्ज थे. अप्रैल 2023 में जब पुलिस अतीक और उसके भाई अशरफ को मेडिकल जांच के लिए प्रयागराज ले जा रही थी, तब मीडिया के कैमरों के सामने ही कुछ शूटरों ने दोनों की गोली मारकर हत्या कर दी थी.
अतीक का एक और बेटा असद, जो उमेश पाल हत्याकांड में 5 लाख रुपये का इनामी आरोपी था, उसे यूपी एसटीएफ ने झांसी में एक एनकाउंटर में ढेर कर दिया था. अतीक के दो बड़े बेटे मोहम्मद उमर और मोहम्मद अली अलग-अलग जुर्म के मामलों में जेल की सलाखों के पीछे हैं, जबकि उसकी पत्नी शाइस्ता परवीन अब भी पुलिस की गिरफ्त से दूर फरार चल रही है.
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