भारत
Angad Singh Chandok: CBI ने अमेरिका से भगोड़े साइबर अपराधी अंगद सिंह चंडोक को भारत लाकर एक बड़ी सफलता पाई है. उस पर पिछले कुछ सालों से इंटरपोल नजर रख रहा था.
अंतरराष्ट्रीय साइबर धोखाधड़ी के मामलों में भारत ने एक बड़ी जीत हासिल की है. केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक बहुचर्चित और कुख्यात अपराधी अंगद सिंह चंडोक को अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित करने में सफलता पाई है. अंगद सिंह चंडोक पर अमेरिका में लाखों डॉलर की ऑनलाइन ठगी, खासकर उसपर वरिष्ठ नागरिकों को टेक सपोर्ट के नाम पर निशाना बनाने का आरोप है. इसके साथ ही भारत में भी उसके खिलाफ यूनियन बैंक फ्रॉड केस में गंभीर आरोप दर्ज हैं. इस प्रत्यर्पण को CBI की अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन समन्वय की बड़ी कामयाबी के रूप में देखा जा रहा है, जिससे यह संकेत मिलता है कि अब साइबर अपराधी देश की सीमाओं के बाहर भी सुरक्षित नहीं हैं.
भारत की जांच एजेंसी CBI ने एक ऐसे अपराधी को अमेरिका से भारत लाकर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है, जिसे ऑनलाइन फ्रॉड का किंग कहा जाता है. अंगद सिंह चंडोक नाम का यह यह व्यक्ति वर्षों से अमेरिकी और भारतीय एजेंसियों की निगाहों से बचता फिर रहा था. अमेरिका में उसके खिलाफ कई वरिष्ठ नागरिकों को फर्जी टेक सपोर्ट के नाम पर लाखों डॉलर की ठगी करने के गंभीर आरोप थे. उसने इस धोखाधड़ी से कमाई गई रकम को शेल कंपनियों के माध्यम से भारत और अन्य देशों में भेजा था.
अंगद केवल अमेरिका में ही नहीं, बल्कि भारत में भी एक बड़े बैंक फ्रॉड का आरोपी है. CBI ने 24 जुलाई 2014 को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया से जुड़े एक धोखाधड़ी के मामले में उसके खिलाफ केस दर्ज किया था. इसमें अंगद के साथ उसके पिता सुरेंद्र सिंह, मां हरलीन कौर और भाई हरसाहिब सिंह सहित बैंक अधिकारियों की मिलीभगत भी सामने आई थी. इस परिवार पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी जैसे गंभीर आरोप हैं.
2016 में यह पूरा परिवार भारत से फरार हो गया और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए अमेरिका भाग गया. इसके बाद इन्हें अदालत द्वारा घोषित भगोड़ा अपराधी (Proclaimed Offender) घोषित किया गया और CBI ने इंटरपोल से रेड नोटिस जारी करवाया. 22 मार्च 2017 को जारी किए गए इस नोटिस के आधार पर अमेरिका की एजेंसियों ने अंततः अंगद सिंह चंडोक को हिरासत में लेकर भारत को सौंप दिया. 23 मई 2025 को जैसे ही अंगद नई दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पहुंचा, CBI ने उसे हिरासत में ले लिया और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद अदालत में पेश किया गया. अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. अब CBI इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और चंडोक के परिवार को भी वापस लाने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं.
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