भारत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन में सबसे ज्यादा 54 प्रतिशत का टैरिफ लगाया है. इसके साथ ही भारत में भी 26 प्रतिशत टैरिफ लागू कर दिया गया है. अब देखना ये होगा कि ये भारत के लिए फायदेमंद हा या नहीं?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 अप्रैल, 2025 को एक अहम कदम उठाते हुए अमेरिका के व्यापार घाटे को कम करने के लिए एक व्यापक करने और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक व्यापक नए टैरिफ ढांचे की घोषणा की. "पारस्परिक टैरिफ नीति" नामक इस योजना में सबसे पहले सभी आयातों पर 10% सार्वभौमिक टैरिफ लगाया गया है , जो 5 अप्रैल से 8 अप्रैल तक प्रभावी रहेगा.
ये हैं आयात की तीन श्रेणियां
इसके तहत फार्मास्यूटिकल्स, सेमीकंडक्टर, तांबा और ऊर्जा उत्पाद जैसी सामरिक वस्तुओं को किसी भी नए टैरिफ से पूरी तरह छूट दी गई है. इस्पात, एल्युमीनियम और ऑटो जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्रों पर 25% टैरिफ की कठोर दर लागू है. शेष सभी उत्पाद देश-विशिष्ट पारस्परिक टैरिफ के अंतर्गत आते हैं, जो व्यापार असंतुलन और रणनीतिक प्राथमिकता के आधार पर अलग-अलग होते हैं.
भारत का कपड़ा क्षेत्र सबसे स्पष्ट अल्पकालिक विजेता के रूप में सामने आया है. चीन (54%) और बांग्लादेश (37%) के परिधानों पर उच्च अमेरिकी टैरिफ भारतीय उत्पादों को मूल्य में काफी अधिक प्रतिस्पर्धी बनाते हैं. भारत के पास पहले से ही एक बड़ा और विविध कपड़ा विनिर्माण आधार है, और यह लागत लाभ उच्च-टैरिफ आपूर्तिकर्ताओं से दूर जाने की चाहत रखने वाले अमेरिकी खुदरा विक्रेताओं से नए ऑर्डर आकर्षित करने में मदद कर सकता है. इसके अतिरिक्त, वैश्विक ब्रांड टैरिफ के बोझ से बचने के लिए, विशेष रूप से उच्च-मात्रा, कम-मार्जिन वाले उत्पादों के लिए हो सकता है.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
बिजनिस एक्सपर्ट सौरभ शर्मा ने बताया कि इससे फार्मा सेक्टर में फायदा हो सकता है, क्योंकि इसे लेकर कोई ऐलान नहीं क्या गया है. इसके साथ ही कच्चा तेल सस्ता हो सकता है क्योंकि क्रूड ऑयल पर कोई अपडेट नहीं आया है, साथ ही आने वाले दिनों में पेट्रोल डीजल के दाम गिर सकते हैं. एक्सपोर्ट के लिए भारत वैकल्पिक दूसरे देशों को भी बढ़ाएगा. यूरोप से लेकर दूसरे वैकल्पिक बाजार मिलेंगे, जिसका भारत को भरपूर फायदा हो सकता है. टेक्सटाइल में भी फायदा होगा, भारत के मुकाबले बांग्लादेश पर ज्यादा टैरिफ लगा है. जिसका फायदा भारत को मिलेगा.
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