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क्या है मीठी नदी घोटाला, जिसके लिए एक्टर Dino Morea पहुंचे EOW ऑफिस, होगी पूछताछ

मीठी नदी घोटाले मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है. मामले में बॉलीवुड एक्टर डिनो मोरिया (Dino Morea) से पूछताछ की जाएगी. एक्टर मुंबई पुलिस के EOW ऑफिस पहुंचे हैं. ऐसे में चलिए जानते हैं क्या है ये मीठी नदी घोटाला?

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क्या है मीठी नदी घोटाला, जिसके लिए एक्टर Dino Morea पहुंचे EOW ऑफिस, होगी पूछताछ
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मीठी नदी सफाई मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आया है. मामले में एक्टर डिनो मोरिया का नाम सामने आया है. नाम सामने आने के बाद एक्टर को पूछताछ के लिए मुंबई के EOW ऑफिस बुलाया गया है. जानकारी के मुताबिक, मोरिया सुबह करीब 11 बजे जांच अधिकारियों के सामने अपना बयान दर्ज कराने पहुंचे. ईओडब्ल्यू सूत्रों के मुताबिक, मोरिया को तब तलब किया गया जब जांचकर्ताओं को उनके, उनके भाई और मुख्य आरोपी केतन कदम के बीच कई फोन पर बातचीत के बारे में पता चला. अब तक EOW की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. ताजा अपडेट में पता चला है कि डिनो मोरिया, उनके भाई और इस घोटाले के मुख्य आरोपी केतन कदम के बीच कई बार बातचीत हुई है. इन कॉल की रिकॉर्डिंग और डेटा अब जांच एजेंसियों के रडार पर हैं.

क्या है मीठी नदी घोटाला

मीठी नदी घोटाला मुंबई नगर निगम द्वारा मीठी नदी की सफाई में इस्तेमाल की जाने वाली स्लज पुशर और ड्रेजिंग मशीनों की खरीद-फरोख्त से जुड़ा हुआ मामला है. आरोप है कि ये मशीनें कोच्चि की कंपनी मैटप्रॉप टेक्निकल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड से ऊंचे दामों पर किराए पर ली गई थीं और इसमें भारी वित्तीय अनियमितता हुई थी. 20 साल से चल रही मीठी नदी की गाद निकालने की परियोजना में कथित धन की हेराफेरी की जांच कर रही है. 

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नगर निगम को हुआ करोड़ों का नुकसान 

केतन कदम और जय जोशी को इस मामले में मुख्य आरोपी बताया जा रहा है. इन दोनों पर मैटप्रॉप कंपनी के अधिकारियों और बीएमसी के स्टॉर्म वाटर ड्रेन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से करोड़ों रुपये का घोटाला करने का आरोप है. कथित तौर पर मीठी नदी की सफाई के कथित घोटाले में नगर निगम को 65.54 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ था. ये जांच पिछले अगस्त में महाराष्ट्र राज्य विधान परिषद में भाजपा एमएलसी द्वारा उठाई गई चिंताओं के बाद शुरू हुई थी, जिसमें महत्वपूर्ण व्यय के बावजूद परियोजना के पूरा न होने पर सवाल उठाया गया था. जांच के दायरे में गाद निकालने और सौंदर्यीकरण अनुबंधों की समीक्षा, मलबा हटाने की प्रक्रियाओं की पुष्टि और बीएमसी और एमएमआरडीए दोनों के रिकॉर्ड की जांच शामिल है.

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