भारत
पायलटों की ट्रेनिंग के लिए अब भारत में स्वदेशी एयरक्राफ्ट निर्मित होने जा रहे हैं. ये ग्रीन एनर्जी से चलने वाले होंगे. इनकी कीमत भी विदेशी विमानों से कम होगी. आइए जानते है खासियतें
भारत सरकार आने वाले पायलटों की ट्रेनिंग के लिए स्वदेशी इलेक्ट्रिक एयरक्राफ्ट बनाने जा रही है. इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है. बता दें कि फिलहाल ट्रेनिंग के लिए हमें विदेशी विमानों को खरीदने की जरूरत पड़ती है. ई-हंसा नाम के टू-सीटर इलेक्ट्रिक ट्रेनर विमान बनाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. ये पूरी तरह से स्वदेशी निर्मित होंगे और कम से कम कीमत पर तैयार किए जाएंगे. जानकारी के मुताबिक अभी जो एयरक्राफ्ट दूसरे देशों से खरीदें जाते है उनकी कीमत 4 करोड़ रुपये होती है.
कितनी होगी इसकी कीमत
केंद्रीय विज्ञान मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने एक बैठक में ई-हिंसा की कीमतों को लेकर बताया कि विदेशी विकल्पों की तुलना में इसकी कीमत काफी कम होगी. इस टू-सीटर इलेक्ट्रिक ट्रेनर विमान की कीमत करीब 2 करोड़ रुपये होगी. भारत के इस स्वदेशी एयरक्राफ्ट को बनाने की जिम्मेदारी बेंगलुरु की CSIR -नेशनल एयरोस्पेस लैबोरेट्रीज को सौंपी गई है. ये जानकारी विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को दी. उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि नए विमान को बेंगलुरु में स्वदेशी तकनीक से विकसित किया जा रहा है.
DD News: भारत ने अगली पीढ़ी के दो सीटों वाले ई-हंसा विमान को विकसित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है#CSIR
— Dr Jitendra Singh (@DrJitendraSingh) May 28, 2025
Read:https://t.co/m10Xa4WLQj pic.twitter.com/QYO8fO5nPN
ई-हंसा की जरूरत
ई-हंसा के निर्माण से भारत में पायलटों की ट्रेनिंग बहुत सस्ती और बेहतर हो जाएंगी. ई-हंसा प्रशिक्षक विमान कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसे भारत में पायलट प्रशिक्षण के लिए किफायती और स्वदेशी विकल्प के रूप में डिजाइन किया गया है. खास बात तो ये है कि इस एयरक्राफ्ट में ग्रीन एनर्जी का इस्तेमाल होगा जो कि पर्यावरण की दृष्टि से भी बहुत फायदेमंद साबित होगा.
अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए हमारे गूगल, फेसबुक, x, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से जुड़ें.