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क्या है डार्क पैटर्न? जिसे लेकर जेप्टो, बुकमाईशो और इंडिगो समेत 9 ऐप्स पर लगा 20 लाख का जुर्माना

केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने जेप्टो, बुकमाईशो, इंडिगो और फिजिक्स वाला जैसी 9 बड़ी टेक कंपनियों पर ग्राहकों को गुमराह करने और छुपा हुआ चार्ज वसूलने के आरोप में करीब 20 लाख रुपये का जुर्माना ठोका है.

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क्या है डार्क पैटर्न? जिसे लेकर जेप्टो, बुकमाईशो और इंडिगो समेत 9 ऐप्स पर लगा 20 लाख का जुर्माना

9 ऐप्स पर लगा जुर्माना (AI Image)

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  • डार्क पैटर्न यूजर्स को गुमराह करके न चाहते हुए भी एक्स्ट्रा सामान खरीदने पर मजबूर करता है
  • इसी आरोप में 9 कंपनियों पर कुल 20 लाख रुपये का जुर्माना ठोका गया है
  • भारत सरकार ने डार्क पैटर्न के 13 तरीकों को बैन किया हुआ है 
  • ऑनलाइन शॉपिंग या टिकट बुकिंग करते समय हमेशा अपना फाइनल बिल ध्यान से चेक करें

सोचिए, आप दिनभर के काम से थके-हारे घर लौटते हैं. सब्जी-राशन लेने का मन नहीं है, तो फोन निकाला और जेप्टो जैसी किसी ऐप से सामान ऑर्डर करने लगे. स्क्रीन पर दिख रहा था कि बिल 300 रुपये का बनेगा. आप मन ही मन खुश हुए कि काम सस्ते में निपट गया, लेकिन जैसे ही पेमेंट करने की बारी आई, तो पता चला कि बिल बढ़कर 350 रुपये हो गया है.

कभी हैंडलिंग फीस के नाम पर, कभी जबरन मेम्बरशिप जोड़कर तो कभी किसी चैरिटी में 1 रुपये का दान अपनी तरफ से टिक करके. शुरुआत में ये 5, 10 या 20 रुपये बहुत मामूली लगते हैं. हम भी सोचते हैं कि कौन इतने से रुपयों के लिए किचकिच करे और आगे बढ़ जाते हैं. लेकिन जब यही काम हर महीने दर्जनों बार होता है, तो आपकी जेब से चुपचाप एक बड़ी रकम निकल जाती है. ऐप्स के इसी 'डिजिटल खेल' पर अब सरकार का चाबुक चला है. 

9 बड़ी टेक कंपनियों पर लगा जुर्माना

केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने इस तरह की चालाकियां करने वाली 9 बड़ी टेक कंपनियों पर लगभग 20 लाख रुपये का जुर्माना ठोका है. सरकार ने खुद राज्यसभा में इसकी जानकारी दी है. हैरानी की बात यह है कि जिन कंपनियों पर गाज गिरी है, उनमें जेप्टो, बुकमाईशो, इंडिगो और फिजिक्स वाला जैसे बड़े नाम शामिल हैं. 

आखिर ये डार्क पैटर्न क्या है?

आसान शब्दों में कहें तो 'डार्क पैटर्न' वेबसाइट या ऐप का ऐसा चालाक डिजाइन होता है, जिसे इस तरह बनाया जाता है कि आप न चाहते हुए भी वो सामान खरीद लें या सर्विस चुन लें जो आप लेना ही नहीं चाहते थे. यह एक तरह का दिमागी जाल है, जो आपको गुमराह करके आपकी जेब ढीली करवाता है. 

किस ऐप ने क्या 'खेल' किया?

  • जेप्टो- क्विक-कॉमर्स ऐप जेप्टो पर सबसे बड़ा, 7 लाख रुपये का जुर्माना लगा है. जेप्टो शुरुआत में ग्राहकों को कम दाम दिखाता था, लेकिन आखिरी में हैंडलिंग चार्ज और मेम्बरशिप फीस जोड़ देता था. इसे ड्रिप प्राइसिंग और बास्केट Sneaking यानी टोकरी में चुपके से सामान डालना कहा जाता है. जुर्माना भरने के बाद जेप्टो ने इस तरीके को बंद कर दिया है. 
  • बुकमाईशो- फिल्में बुक करते वक्त शायद आपने भी ध्यान दिया होगा कि 'BookASmile' नाम की चैरिटी के लिए 1 रुपये का डोनेशन पहले से ही टिक रहता था. अगर आपको वो 1 रुपया बचाना है, तो खुद जाकर अन-टिक करना पड़ता था. कंपनी को यह चुपके से एक्स्ट्रा चार्ज जोड़ने की प्रथा हटाने के निर्देश दिए गए हैं. 
  • इंडिगो- देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो कंफर्म शेमिंग का सहारा ले रही थी. जब आप टिकट बुक करते वक्त कोई अतिरिक्त इंश्योरेंस या सर्विस मना करते थे, तो ऐप पर लिखा आता था, "नहीं, मैं जोखिम उठाऊंगा" यानी अगर आप एक्स्ट्रा पैसे न दें, तो ऐप आपको डराने या शर्मिंदा करने की कोशिश करती थी. सरकार के दखल के बाद अब इसे बदलकर सीधा "नहीं, मैं ट्रिप में यह नहीं जोड़ना चाहता" कर दिया गया है. 
  • फिजिक्स वाला- एड-टेक प्लेटफॉर्म फिजिक्स वाला पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगा. यह ऐप 'PW फाउंडेशन' के लिए 10 रुपये का डोनेशन अपने आप जोड़ देती थी और मना करने पर इमोशनल मैसेज दिखाती थी. इसके अलावा फ्री कोर्स देने के नाम पर जबरन पर्सनल डेटा मांगने पर भी एक्शन हुआ है. 

इन चार दिग्गजों के अलावा फर्स्टक्राई, फार्मईजी, मैकेफी, स्पाइसजेट और कोचिंग प्लेटफॉर्म अनुज जिंदल पर भी 1 से 3 लाख रुपये तक का जुर्माना लगा है. ये कंपनियां छुपे हुए चार्ज, फर्जी टाइमर दिखाकर जल्दबाजी पैदा करना और सब्सक्रिप्शन के जाल में फंसाने जैसे हथकंडे अपना रही थीं. 

2023 में सरकार ने बनाए थे कड़े नियम

भारत सरकार ने साल 2023 में ही डार्क पैटर्न के खिलाफ कड़े नियम बनाए थे, जिसमें 13 तरह की धोखाधड़ी वाली तकनीकों को गैर-कानूनी घोषित किया गया है. अगली बार जब भी आप कोई ऑनलाइन बुकिंग या शॉपिंग करें, तो पेमेंट का बटन दबाने से पहले अपने बिल का एक-एक रुपया ध्यान से जरूर जांच लें. 

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