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क्या है छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला मामला, जिसमें पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे को ED ने गिरफ्तार कर लिया है

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया है. चैतन्य बघेल पर राज्य के शराब घोटाला मामले में मनी लॉन्डरिंग का आरोप है.

क्या है छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला मामला, जिसमें पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे को ED ने गिरफ्तार कर लिया है
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छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बेटे को 18 जुलाई को ED ने गिरफ्तार कर लिया है. चैतन्य पर शराब घोटाला मामले में मनी लॉन्डरिंग का आरोप है. 18 जुलाई की सुबह ईडी ने भूपेश बघेल के भिलाई स्थित आवास पर छापेमारी की. तब पूर्व सीएम रायपुर में थे. ईडी के छापे के बाद उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि वह अडाणी ग्रुप के तमनार प्रोजेक्ट के खिलाफ विधानसभा में सवाल पूछने जा रहे थे. उन्हें रोकने के लिए प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने ईडी को भेजा है. बता दें कि ये गिरफ्तारी चैतन्य के जन्मदिन पर हुई है. ED के सूत्रों के मुताबिक, रेड के दौरान चैतन्य सहयोग नहीं कर रहे थे. इस वजह से उन्हें गिरफ्तार किया गया.

क्या है छत्तीसगढ़ का 2100 करोड़ का शराब घोटाला

साल 2019 से 2022 के बीच छत्तीसगढ़ में 2100 करोड़ का शराब घोटाला हुआ था. ईडी की जांच में सामने आया है कि एक्साइज़ विभाग के साथ-साथ ठएक पैरलल नेटवर्क चल रहा था जिसमें अधिकारी, नेता और प्राइवेट कॉन्ट्रैक्टर मिलकर काम कर रहे थे. ये नेटवर्क शराब की खरीद, डिस्ट्रीब्यूशन और बिक्री को कंट्रोल कर रहा था और गैर-कानूनी तरीके से पैसे कमा रहा था. ED के मुताबिक, एक बड़े सिंडिकेट ने पूरी प्लानिंग के साथ इस घोटाले को अंजाम दिया था. 

ED के मुताबिक, इस सिंडिकेड ने देसी शराब के एक-एक केस पर 75 रुपये का कमिशन लिया. शराब के सप्लायर्स से ये कमीशन लेकर सीनियर अधिकारियों और नेताओं में बांटा गया. इसके साथ ही कुछ कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए बोतलों के लिए नकली होलोग्राम बनवाए गए. इसकी मदद से अवैध शराब को सरकारी चैनल से बेचा गया. कई दुकानों में ऑफ द रिकॉर्ड शराब बेचे गए, इसकी एवज में कैश पेमेंट ली गई, इससे राज्य कोष में रेवेन्यू पहुंचा ही नहीं. विदेशी शराब के लाइसेंस के साथ भी खेल किया गया. इस सिंडिकेट द्वारा हर बिक्री पर 10 प्रतिशत कट लिया गया. 

चैतन्य बघेल पर क्या आरोप हैं?

चैतन्य बघेल पर आरोप है कि वो इस घोटाले के लाभार्थी हैं. ईडी का आरोप है कि चैतन्य बघेल ने शराब घोटाले के पैसों की मनी लॉन्डरिंग की. इस मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा भी आरोपी बनाए गए हैं, उन पर हर महीने दो करोड़ लेने का आरोप है. इस मामले में रायपुर के महापौर एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर भी आरोपी हैं. पूर्व IAS अधिकारी अनिल टुटेजा और टेलिकॉम सर्विस अधिकारी अरुणपति त्रिपाठी पर लाइसेंस और सप्लाई मैनिपुलेशन का आरोप है. इस पूरे मामले में EOD और ACB ने 70 लोगों और कंपनियों को आरपी बनाया है. इसमें पूर्व मुख्य सचिव विवेक ढांड का नाम भी शामिल है. 

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