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Akash Prime Air Defense System: भारत ने स्वदेशी ‘आकाश प्राइम’ एयर डिफेंस सिस्टम का लद्दाख में 15,000 फीट की ऊंचाई पर सफल परीक्षण किया. आइए जानते हैं आकाश प्राइम की खासियत और S-400 से कितना अलग है ये सिस्टम.
Akash Prime Air Defense System: भारत ने अपनी रक्षा क्षमता को और मजबूत करते हुए स्वदेशी ‘आकाश प्राइम’ एयर डिफेंस सिस्टम का सफल परीक्षण किया. लद्दाख की ऊंची चोटियों पर यह सिस्टम दुश्मन के ड्रोन और विमानों को मार गिराने में सक्षम है. डीआरडीओ और भारतीय सेना ने मिलकर यह उपलब्धि हासिल की. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने आकाश और S-400 सिस्टम से दुश्मन के ड्रोन नष्ट किए थे. आइए जानते हैं आकाश प्राइम की खासियत और S-400 से कितना अलग है ये सिस्टम.
भारतीय सेना ने डीआरडीओ के साथ मिलकर ‘आकाश प्राइम’ सिस्टम का लद्दाख में 15,000 फीट से अधिक ऊंचाई पर सफल परीक्षण किया. इस दौरान सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों ने तेज गति से उड़ान भर रहे दो विमानों को निशाना बनाकर सटीक हमला किया. यह सिस्टम ऊंचे इलाकों में भी प्रभावी ढंग से काम करता है, जो भारत की रक्षा शक्ति को और मजबूत करता है. मिली जानकारी के अनुसार सेना अब इस सिस्टम की तीसरी और चौथी रेजिमेंट तैयार करने की योजना बना रही है.
आकाश प्राइम, मूल आकाश सिस्टम का उन्नत संस्करण है, जिसे 2009 में सेना में शामिल किया गया था. एक आकाश बैटरी में चार लांचर होते हैं, जिनमें तीन-तीन मिसाइलें होती हैं. यह 64 लक्ष्यों को ट्रैक कर सकता है और 12 लक्ष्यों पर एक साथ हमला कर सकता है. मिसाइल में 60 किलो का विस्फोटक होता है, जो 2,000 किमी के दायरे में हवाई खतरों को नष्ट कर सकता है.
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S-400 की तुलना में आकाश प्राइम स्वदेशी तकनीक पर आधारित है और लागत में किफायती है. हालांकि, S-400 की रेंज और तकनीकी क्षमता अधिक है, लेकिन आकाश प्राइम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अपनी गतिशीलता और सटीकता के लिए खास है. ऑपरेशन सिंदूर में आकाश सिस्टम ने पाकिस्तान के ड्रोन हमलों को नाकाम कर अपनी ताकत दिखाई थी. अब आकाश प्राइम के साथ भारत की वायु रक्षा और मजबूत होगी.
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