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NDTV में क्या चल रहा है? पढ़ें क्या है इस उठापटक की असल वजह और रवीश कुमार ने क्यों दिया इस्तीफा

NDTV Adani Group: अडाणी ग्रुप एनडीटीवी को खरीदने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है. दूसरी तरफ, रवीश कुमार ने NDTV से इस्तीफा दे दिया है.

NDTV में क्या चल रहा है? पढ़ें क्या है इस उठापटक की असल वजह और रवीश कुमार ने क्यों दिया इस्तीफा

रवीश कुमार ने NDTV से दिया इस्तीफा

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डीएनए हिंदी: पिछले दो दिनों से प्राइवेट न्यूज़ चैनल NDTV काफी चर्चा में है. NDTV की प्रमोटर कंपनी RRPR होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड (RRPRH) के बोर्ड मेंबर रहे प्रणय रॉय (Pranoy Roy) और उनकी पत्नी राधिका रॉय (Radhika Roy) ने इस्तीफा दे दिया. इसके एक दिन बाद टीवी एंकर और रिपोर्टर रवीश कुमार (Ravish Kumar) ने भी NDTV की नौकरी छोड़ दी. इन सारे बदलावों की वजह यह है कि अडाणी ग्रुप ने RRPR में ज़्यादा हिस्सेदारी खरीद ली है. अब सुदीप्त भट्टाचार्य, संजय पुगलिया और सेंथिल सिन्निया को RRPR का बोर्ड डायरेक्टर नियुक्त किया गया है.

जल्द ही अडाणी ग्रुप NDTV को खरीदने के लिए ओपन ऑपर लाने वाला है. RRPR ने बॉम्बे स्टॉक एक्सेचेंज को भी यह जानकारी दे दी है कि बोर्ड में बदलाव कर दिया गया है और प्रणय रॉय और राधिका रॉय इसका हिस्सा नहीं हैं. रवीश कुमार लंबे समय से NDTV का हिस्सा रहे थे. अपनी ग्राउंड रिपोर्ट और प्राइम टाइम के दम पर वह काफी चर्चित पत्रकार रहे हैं. यही वजह है कि उनके इस्तीफे के बाद से वह ट्विटर और अन्य सोशल मीडिया पर प्लैटफॉर्म पर लगातार ट्रेंड कर रहे हैं.

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कैसे बदली NDTV की सूरत?
23 अगस्त- गौतम अडाणी की अगुवाई वाले अडाणी ग्रुप ने एनडीटीवी लिमिटेड में 29.18 प्रतिशत की हिस्सेदारी खरीद ली. साथ ही, अडाणी ग्रुप ने यह भी ऐलान किया कि वह ओपन ऑफर लाकर 26 प्रतिशथ हिस्सेदारी और खरीदेगा.

22 नवंबर- अडाणी ग्रुप ने नवंबर महीने की 22 तारीख को ओपन ऑफर लॉन्च किया जो कि 5 दिसंबर तक चलेगा.

क्या है ओपन ऑफर?
ओपन ऑफर में उन लोगों से शेयर खरीदे जाते हैं जो कंपनी के शेयर होल्डर्स हैं. इसके लिए एक कीमत तय की जाती है. अगर शेयर होल्डर चाहें तो वे इस कीमत पर अपने शेयर बेच सकते हैं. हालांकि, यह तभी हो सकता है जब ओपन ऑफर लाने वाले के पास 25 प्रतिशत से ज्यादा शेयर हों. अडाणी ग्रुप ने पहले ही 29.18 प्रतिशत शेयर खरीदे थे ऐसे में सेबी ने उसे ओपन ऑफर लाने की परमिशन दे दी.

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एनडीटीवी के संस्थापकों ने अडाणी ग्रुप की एक इकाई को अपने शेयर बेच दिए हैं. इसका मतलब यह है कि जल्द ही NDTV का मालिक अडाणी ग्रुप होने वाला है. प्रणय रॉय चाहते तो वह भी ओपन ऑफर ला सकते थे लेकिन वित्तीय हालात को देखते हुए उनके लिए यह काम काफी मुश्किल हो सकता था.

किसके पास हैं कितने शेयर? 
फिलहाल, प्रणय रॉय के पास 15.94 प्रतिशत और राधिका रॉय के पास 16.32 प्रतिशत शेयर हैं. यानी कुल मिलाकर 32.36 प्रतिशथ शेयर. एनडीटीवी की प्रमोटर कंपनी RRPR होल्डिंग के पास 29.18 प्रतिशत शेयर हैं. अगर अडाणी ग्रुप ओपन ऑफर के ज़रिए 26 प्रतिशत शेयर खरीद लेता है तो उसकी हिस्सेदारी 55.18 प्रतिशत हो जाएगी और वह सबसे बड़ा हिस्सेदार हो जाएगा. इन दोनों के अलावा मॉरीशस की कंपनी LTS इन्वेस्टमेंट फंड लिमिटेड के पास 9.75 प्रतिशत शेयर हैं.

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कौन हैं रवीश कुमार?
पत्रकार रवीश कुमार साल 1996 से NDTV के लिए काम कर रहे थे. उन्हें एंकरिंग, रिपोर्टिंग और तमाम चर्चित इंटरव्यू के लिए जाना जाता है. प्राइम टाइम और रवीश की रिपोर्ट से उन्हें काफी प्रसिद्धि मिली. रवीश कुमार को साल 2019 में रेमन मैग्सेस पुरस्कार से सम्मानित किया गया. वह कई किताबें भी लिख चुके हैं. इस्तीफा देने से पहले वह NDTV में सीनियर एग्जीक्युटिव एडिटर के तौर पर काम कर रहे थे.

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