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बंगाल: अभिजीत सरकार हत्याकांड में CBI को बड़ी कामयाबी, 4 साल बाद हत्थे चढ़ा मुख्य आरोपी, 50,000 रुपये का था इनाम

अभिजीत सरकार की हत्या 2 मई 2021 को विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के तुरंत बाद हुई थी. इस चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव में शानदार जीत हासिल की थी.

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बंगाल: अभिजीत सरकार हत्याकांड में CBI को बड़ी कामयाबी, 4 साल बाद हत्थे चढ़ा मुख्य आरोपी, 50,000 रुपये का था इनाम

Abhijit Sarkar murder case

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पश्चिम बंगाल में बीजेपी कार्यकर्ता अभिजीत सरकार हत्याकांड के मुख्य आरोपी अरुण डे को सीबीआई ने गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया है. साल 2021 में विधानसभा चुनाव के बाद अभिजीत की हत्या कर दी गई थी. तब से अरुण डे फरार चल रहा था. वह कभी जांच में शामिल नहीं हुआ था. सीबीआई ने उसपर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया हुआ था.

 आरोपी अरुण डे 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद भड़की हिंसा के दौरान उत्तरी कोलकाता के कंकुरगाछी इलाके के निवासी सरकार की हत्या के पांच मुख्य आरोपियों में से एक था. अरुण को आखिरकार गुरुवार को पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में एक गुप्त ठिकाने से गिरफ्तार कर लिया गया. हालांकि, मामले पर आगे की जानकारी का अभी इंतजार है.

बता दें कि मामले के चार अन्य मुख्य आरोपी सुखदेव पोद्दार उर्फ ​​सुखा, गोपाल दास उर्फ ​​विशाल, अमित और विश्वजीत दास उर्फ ​​बोम्बा अभी भी फरार हैं. सभी पांच आरोपियों की पहचान इलाके में तृणमूल कांग्रेस के मजबूत नेताओं के रूप में की गई थी और वे उत्तर कोलकाता के बेलेघाटा विधानसभा क्षेत्र से सत्तारूढ़ पार्टी के विधायक परेश पॉल और कोलकाता नगर निगम (केएमसी) में तृणमूल कांग्रेस के पार्षद स्वप्न समाद्दार के करीबी विश्वासपात्र थे.

इस सिलसिले में पॉल से सीबीआई के अधिकारी पहले ही पूछताछ कर चुके हैं. हालांकि, इस मामले में सीबीआई द्वारा दायर आरोपपत्र में उनका नाम नहीं था, जिससे मारे गए भाजपा कार्यकर्ता के परिवार के सदस्य नाराज थे.

कोर्ट ने फरार किया था घोषित
अभिजीत सरकार की हत्या 2 मई 2021 को विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के तुरंत बाद हुई थी. तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव में शानदार जीत हासिल की थी. कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश के बाद सीबीआई ने कोलकाता पुलिस से जांच अपने हाथ में ले ली थी. सितंबर 2021 में कोलकाता की एक ट्रायल कोर्ट ने पांचों आरोपियों को फरार घोषित कर दिया था.

इसके बाद सीबीआई ने उनमें से प्रत्येक पर 50-50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया. आखिरकार, चार साल से अधिक समय के बाद पांच आरोपियों और फरार व्यक्तियों में से एक को सीबीआई के अधिकारियों ने गिरफ्तार कर लिया है. बताया कि उसे बाद में कोलकाता की एक विशेष अदालत में पेश किया जा सकता है और सीबीआई के वकील आगे की पूछताछ के लिए उसकी हिरासत की मांग कर सकते हैं.

(With IANS input)

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