भारत
माउंट एवरेस्ट फतह करने के बाद लौटते समय पश्चिम बंगाल के पर्वतारोही सुब्रत घोष की हिलेरी स्टेप में मौत हो गई. इसी सीजन में एक फिलीपींस के पर्वतारोही की भी मौत हुई है.
दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को फतह करना हर पर्वतारोही का सपना होता है, लेकिन यह सपना अक्सर मौत की घाटी से होकर गुजरता है. हर साल कई लोग इस कठिन सफर पर निकलते हैं, लेकिन कुछ कभी भी वापस नहीं लौट पाते. इसी कड़ी में एक और दुखद घटना सामने आई है जिसमें भारत के पश्चिम बंगाल से ताल्लुक रखने वाले पर्वतारोही सुब्रत घोष की मौत हो गई. वह एवरेस्ट पर तिरंगा लहराने के बाद लौटते समय ‘डेथ जोन’ कहे जाने वाले हिलेरी स्टेप में गिर पड़े.
45 वर्षीय सुब्रत घोष नेपाल की स्न्नोई होराइजन ट्रेक्स एंड एक्सपीडिशन टीम के साथ एवरेस्ट पर चढ़ाई कर रहे थे. 8,848 मीटर की ऊंचाई पर स्थित शिखर तक वह अपने गाइड के साथ सफलतापूर्वक पहुंचे. रिपोर्ट्स के अनुसार, 2 बजे रात को शिखर पर पहुंचने के बाद वह बेहद थके और असहज महसूस करने लगे. वापसी के दौरान जैसे ही वे हिलेरी स्टेप तक पहुंचे, उन्होंने नीचे उतरने से इनकार कर दिया और वहीं गिर पड़े. माना जा रहा है कि ऑक्सीजन की कमी और अत्यधिक थकावट उनकी मौत का कारण बनी.
हिलेरी स्टेप माउंट एवरेस्ट के शिखर के बिल्कुल पास स्थित वह क्षेत्र है जिसे 'डेथ जोन' कहा जाता है. यह साउथ कॉल और शिखर के बीच स्थित है, जहां ऑक्सीजन का स्तर बहुत कम होता है और सांस लेना बेहद कठिन हो जाता है. यही वजह है कि इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा हादसे होते हैं.
हिमालयन डेटाबेस के मुताबिक, एवरेस्ट पर चढ़ाई के पिछले सौ वर्षों में अब तक 345 पर्वतारोहियों की जान जा चुकी है. इस सीजन में 459 परमिट जारी किए गए हैं और करीब 100 पर्वतारोही पहले ही शिखर तक पहुंच चुके हैं.
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(With PTI Input)