भारत
उत्तर भारत के लोगों को अभी ठंड से छुटकारा नहीं मिलने वाला है. इसकी वजह दो वेस्टन डिस्टर्बेंस का तेजी से बढ़ना है, जो बारिश से लेकर शीतलहर को बढ़ाने का काम करेंगे. इसकी वजह से तापमान और नीचे गिर सकता है.
मकर संक्रांति के बाद अक्सर सर्दी कम होने लगती है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं है. उत्तर भारत के लोगों सर्दी से इतनी जल्दी छुटकारा मिलने वाला नहीं है. इसकी वजह दो वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का तेजी से उत्तर भारत की तरफ बढ़ना है. इसकी वजह से पूरे हफ्ते पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र प्रभावित होने की उम्मीद है. ऐसे में दिल्ली एनसीआर से लेकर उत्तर भारत के इलाकों में 23 जनवरी 2026 से भारी बारिश और बर्फबारी हो सकती है.
मौसम विभाग के अनुसार, इस समय पश्चिमी हवाओं के चलने की वजह से ठंड बढ़ रही है. 19 जनवरी को भी भारी ठंड रहेगी. इस बदलाव का असर राजस्थान से लेकर पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार तक पर रहेगा. वहीं न्यूनतम तापमान आज के मुकाबले 'थोड़ा कम' रहने की उम्मीद है. IMD का अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों तक उत्तर-पश्चिम भारत और बिहार के कुछ हिस्सों में घना से बहुत घना कोहरा रहने की संभावना है.
उत्तर में जम्मू, कश्मीर और लद्दाख से लेकर हिमाचल प्रदेश में शीलहर के साथ ही हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है. वहीं 19 जनवरी से हिमाचल प्रदेश से लेकर ओडिशा तक शीतलहर का प्रकोप बढ़ेगा. स्थिति गंभीर हो सकती है.
दिल्ली में जहरीली धुंध और घना कोहरा रहने की संभावना है. इसकी वजह से तापमान तेजी से गिरेगा. 19 जनवरी 2026 को भी ठंड रहेगी. वहीं हवा की गुणवत्ता इतनी खराब हो गई है कि प्रदूषण का स्तर 'गंभीर' श्रेणी में पहुंच सकता है.मौसम विभाग ने दिल्ली समेत एनसीआर नोएडा, गाजियाबाद और गुड़गांव में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है.
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