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Weather Update: भीषण गर्मी के बाद अब पडेंगी कड़ाके की ठंड, इस साल आयेगा 'कोल्ड एज',

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने साल के अंत में भयानक सर्दी के लिए लोगों को तैयार रहने के लिए कहा है. इस साल पूरे देश में तापमान में गिरावट और बारिश में वृद्धि होने की उम्मीद है.

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Weather Update: भीषण गर्मी के बाद अब पडेंगी कड़ाके की ठंड, इस साल आयेगा 'कोल्ड एज',
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Weather News: मई जून में भीषण गर्मी झेलने के बाद लोगों को अब भयानक सर्दी के लिए भी तैयार हो जाना चाहिए. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, भारत के लोग भयानक सर्दियों के लिए तैयार रहें. IMD ने सितंबर 2024 में ला नीना घटना की शुरुआत की ओर इशारा किया है, जिससे पूरे देश में तापमान में  गिरावट और बारिश में वृद्धि होने की उम्मीद है.

अप्रैल और जून के बीच शुरू
2 सितंबर, 2024 को IMD की घोषणा के अनुसार, ला नीना के कारण दिसंबर में भीषण सर्दी पड़ने की संभावना है. बता दें कि, ला नीना अप्रैल और जून के बीच शुरू होता है. ला नीना अक्टूबर और फरवरी के बीच मजबूत होता है और नौ महीने से दो साल तक चल सकता है. समुद्र के पानी को पश्चिम की ओर धकेलने वाली तेज पूर्वी हवाओं से ला नीना का प्रभाव देखने को मिलता है, जिससे समुद्र की सतह ठंडी हो जाती है. यह अल नीनो के विपरीत है, जो गर्म परिस्थितियां लाता है.


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कृषी प्रभावित हो सकती है
भारत के अलग-अलग क्षेत्रों में सर्दी की तीव्रता अलग-अलग रहने की उम्मीद है. हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर जैसे उत्तरी राज्यों में विशेष रूप से ठंड की स्थिति देखने को मिल सकती है, जहां तापमान  3 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है. इसके अलावा, ठंड के मौसम और बढ़ी हुई बारिश के कारण कृषी प्रभावित हो सकती है. खासकर उन क्षेत्रों में जो सर्दियों की फसलों पर निर्भर हैं.

आवश्यक आपूर्ति का स्टॉक
IMD ने नागरिकों से आने वाली सर्दियों के लिए हीटिंग, आवश्यक आपूर्ति का स्टॉक करके और मौसम की रिपोर्ट पर अपडेट रहकर तैयारी करने का आग्रह किया है. वहीं IMD ने ये भी कहा, 'सरकार से यह भी अपेक्षा की जाती है कि वह प्रभावों को कम करने के लिए उपाय लागू करें, खासकर संवेदनशील क्षेत्रों में.'

ला नीना का प्रभाव पहले से ही महसूस किया जा रहा है,2024 का मानसून सीजन सितंबर में अपने सामान्य अंत से आगे बढ़ रहा है. देरी से वापसी समुद्र के ठंडे होने से जुड़ी है, जिसने सामान्य मौसम पैटर्न को बाधित किया है, जिससे भारी बारिश हुई है, खासकर दक्षिणी और मध्य भारत में.
 

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