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'हम ठीक से ठोकेंगे, क्या-क्या ठोकना है...', भरी संसद में क्या कह गए मल्लिकार्जुन खड़गे, नड्डा ने यूं किया पलटवार

नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के बीच को मगंलवार बहस हो गई. इस बहस में मल्लिकार्जुन खड़गे ने ऐसा बयान दिया कि जेपी नड्डा ने जमकर निशाना साधा.

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'हम ठीक से ठोकेंगे, क्या-क्या ठोकना है...', भरी संसद में क्या कह गए मल्लिकार्जुन खड़गे, नड्डा ने यूं किया पलटवार
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Mallikarjun Kharge: राज्यसभा में मंगलवार को जोरदार हंगामा देखने को मिला. नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के बीच 11 मार्च को बहस हो गई. उपसभापति की ओर से जब खड़गे को बोलने से रोका गया तो उन्होंने कहा यहां तानाशाही चल रही है. खड़गे को दोबारा रोके जाने पर उन्होंने कहा कि क्या-क्या ठोकना है, हम ठीक से ठोकेंगे. सरकार को ठोकेंगे. राज्यसभा में नेता सदन जेपी नड्डा ने खड़गे के बयान की निंदा की. 

क्या कहा जेपी नड्डा ने?
जेपी नड्डा ने खड़गे के बयान की निंदा की और कहा, 'यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि वर्तमान नेता विपक्ष, जिनका विधानसभा और संसद में लंबा और अनुभवी कार्यकाल रहा है, जिन्होंने लोकसभा और राज्यसभा में पार्टी का नेतृत्व किया है. उन्होंने इस तरह की भाषा इस्तेमाल की. यह बेहद निंदनीय है. उन्होंने उपसभापति हरिवंश से मांग की कि ऐसे शब्दों कोसदन की कार्यवाही से हटाया जाए.' बता दें, सदन में जब हंगामा हुआ तो खड़गे ने माफी मांगी.  

खड़गे ने क्या कहा था?
खड़गे ने उपसभापति से कहा कि अगर आपको मेरी बातों से ठेक पहुंची है तो मैं इसके लिए माफी मांगता हूं, लेकिन मैंने ठोको शब्द का इस्तेमाल सरकार की नीतियों के लिए किया कि हम सरकार की नीतियों को ठोकेंगे. उन्होंने कहा, आपसे माफी मांगने के लिए तैयार हूं, लेकिन सरकार से माफी नहीं मांगूंगा.'

माफी की तारीफ
जेपी नड्डा ने खड़गे की माफी की सराहना की. साथ ही कहा कि अगर उन्होंने सरकार की नीतियों के बारे में भी ऐसी बात कही है तो सदन की कार्यवाही से हटाना चाहिए. 


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धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना
बीते दिनों नई शिक्षा नीति पर बोलते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने डीएमके को असभ्य और लोकतांत्रिक पार्टी करार दिया था, जिसके बाद से लगातार विवाद जारी है. खड़गे ने कहा कि अगर तमिलनाडु की जनता को मंत्री धर्मेंद्र प्रधान असभ्य कहेंगे, उनके स्वाभिमान को चोट पहुंचाने का काम करेंगे तो ऐसे मंत्री से इस्तीफा लेना चाहिए. ये लोग देश को तोड़ने की बात करते हैं. 

 

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