भारत
पुरी के जगन्नाथ मंदिर का महाप्रसाद डायनिंग टेबल पर खाते हुए एक परिवार का वीडियो सामने आया है. इस पर भक्तों के बीच विवाद को बढ़ता देख मंदिर के अधिकारियों ने एक बयान जारी किया है.
पुरी का जगन्नाथ मंदिर करोड़ों हिंदुओं कि आस्था का बड़ा केंद्र हैं. यहां हर दिन लाखों की संख्या में भक्त पहुंचते हैं. पुरी के जगन्नाथ मंदिर से महाप्रसाद खाते हुए एक परिवार का विडिया इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. ये परिवार भगवान जगन्नाथ के महाप्रसाद को डायनिंग टेबल पर बैठकर खा रहा है. जिस वजह से भक्तों के बीच विवाद बढ़ गया है. हैरानी की बात तो ये है कि मंदिर और समु्द्र के किनारे स्थित इस रिसॉर्ट में एक पुजारी इस प्रसाद को परोसते हुए नजर आ रहे हैं.
क्या परंपरा
दरअसल 12 शताब्दी के इस मंदिर में भगवान जगन्नाथ को रोज महाप्रसाद लगाया जाता है. भगवान को चढ़ने वाल ये प्रसाद पवित्र होता है जिसे परंपरा अनुसार जमीन पर बैठकर खाया जाता है, लेकिन ये परिवार डायनिंग टेबल पर महाप्रसाद खा रहा था इसलिए इतना विवाद खड़ा हो गया. इस वीडियो में कम से कम 10 लोग देखे गए हैं, जो कि टेबल पर बैठे हुए हैं. जब एक व्यक्ति ने उनसे सवाल किया, तो एक महिला ने दावा किया कि उन्होंने मेज पर खाना खाने का फैसला करने से पहले चारों ओर पूछताछ की थी.
ଭିଡ଼ିଓ ରେ ଦେଖନ୍ତୁ ସେ ହୋଟେଲର କର୍ମଚାରୀ ମନା କରିବା ସତ୍ତ୍ବେ ସେମାନେ କିପରି ଡାଇନିଂ ଟେବୁଲ ଉପେର ମହାପ୍ରସାଦ ବାଢ଼ି ଗୋଡ଼ ହଲେଇ ମୋବାଇଲ ଚଲାଇ ପାଉଛନ୍ତି..ଆଉ ତହୁଁ ବଡ଼ ସେ ବ୍ରାହ୍ମଣ ମହାଶୟ ଯିଏ ମହାପ୍ରସାଦ ତାଙ୍କୁ ବାଢ଼ିକି ଦେଇଛନ୍ତି।ଆଉ ସେ ଦାଢ଼ିଆ ବାବା ସବୁ ଦେଖି ମଧ୍ଯ ଚୁପ ହୋଇ ଠିଆ ହୋଇଛନ୍ତି।ଦୋଷ କାହାକୁ ଦେବେ? pic.twitter.com/ktH4KLpTkd
—šrαdhα(@princess_sradha) May 16, 2025
इस वीडियो को सामने आने के बाद मंदिर के अधिकारियों ने महाप्रसाद दिव्य है और इसे जमीन पर बैठकर खाया जाना चाहिए. उन्होंने श्रद्धालुओं से मंदिर की सदियों पुरानी परंपराओं को बनाए रखने का अनुरोध किया.
— Shree Jagannatha Temple Office, Puri (@SJTA_Puri) May 17, 2025
मंदिर अधिकारियों का बयान
बयान में कहा गया है कि "मंदिर की ओर से स्पष्ट किया जाता है कि भगवान के दिव्य महाप्रसाद की पूजा अन्नब्रह्म के रूप में की जाती है. जमीन पर बैठकर महाप्रसाद खाने की अनुष्ठानिक परंपरा अनादि काल से चली आ रही है। इसलिए सभी भक्तों से विनम्र अनुरोध है कि वे परंपरा के विरुद्ध गतिविधियों जैसे कि खाने की मेज पर महाप्रसाद खाने से बचें."