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डेढ़ साल से हिंसा जारी, फिर 8 दिन में कैसे खुल जाएगा पूरा मणिपुर, जानें अमित शाह का प्लान

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को मणिपुर की सुरक्षा स्थितियों की समीक्षा. यह बैठक मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद पहली बार हुई.

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डेढ़ साल से हिंसा जारी, फिर 8 दिन में कैसे खुल जाएगा पूरा मणिपुर, जानें अमित शाह का प्लान
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को मणिपुर की सुरक्षा स्थितियों की समीक्षा. यह बैठक मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद पहली बार हुई. बैठक के बाद अमित शाह ने आठ मार्च से मणिपुर में सभी सड़कों पर लोगों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. बता दें, मणिपुर में पिछले डेढ़ साल से जातीय हिंसा जारी है, जिसमें 250 से ज्यादा लोगों की जान गई है. 

गृह मंत्रालय के मुताबिक, 'केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में मणिपुर में सुरक्षा स्थिति पर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की. बैठक में गृह मंत्री ने निर्देश दिया कि 8 मार्च 2025 से मणिपुर में सभी मार्गों पर जनता की स्वतंत्र आवाजाही सुनिश्चित की जाए और बाधा उत्पन्न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.' इस बैठक में राज्यपाल अजय कुमार भल्ला, मणिपुर सरकार, सेना और अर्धसैनिक बलों के शीर्ष अधिकारी भी शामिल हुए. 

 

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आगे कहा कि मणिपुर से लगने वाले इंटरनेशनल बॉर्डर पर आवाजाही के लिए चिह्नित किए गए प्रवेश स्थानों के दोनों तरफ बाड़ लगाने के काम को जल्द पूरा किया जाए. इसके साथ ही, मणिपुर को नशामुक्त बनाने के लिए नशे के व्यापार में लिप्त पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जाए. 


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डेढ़ साल से जातीय हिंसा जारी
बता दें, मणिपुर में साल 2023 से जातीय हिंसा जारी है. वहीं, 13 फरवरी को एन बीरेन ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था और बाद में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया था. इसके बाद राज्य विधानसभा का कार्यकाल निलंबित कर दिया गया है, 2027 तक है. राज्यपाल द्वारा 20 फरवरी को अवैध और लूटे गए हथियार रखने वाले सभी लोगों को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दिए जाने के बाद सुरक्षा समीक्षा की गई. सात दिनों के वक्त के दौरान, मुख्य रूप से घाटी के जिलों में 300 से ज्यादा हथियार जनता द्वारा लौटाए गए. इनमें मैतेई कट्टरपंथी समूह अरम्बाई टेंगोल द्वारा आत्मसर्पण किए गए 246 आग्नेयास्त्र शामिल हैं. 

 

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