भारत
उत्तराखंड के धराली-हर्षिल में आई बाढ़ और भूस्खलन के बीच सेना व SDRF ने अब तक 566 लोगों को सुरक्षित निकाला. ‘ऑपरेशन धराली’ के तहत मोबाइल नेटवर्क बहाल, राहत सामग्री और पुलों की मरम्मत तेज़ी से जारी.
उत्तराखंड के उत्तरकाशी ज़िले के धराली और हर्षिल क्षेत्रों में हाल ही में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बीच राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी हैं. राज्य सरकार के अनुसार, अब तक कुल 566 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जिनमें से 164 लोगों को आईटीबीपी के मतली हेलीपैड लाया गया. सभी को प्राथमिक उपचार के बाद उनकी सुविधा अनुसार गंतव्य तक भेजा जा रहा है. हेलीकॉप्टरों के माध्यम से प्रभावित इलाकों में आवश्यक सामग्री लगातार पहुंचाई जा रही है.
‘ऑपरेशन धराली’ के तहत भारतीय सेना ने बाढ़ से क्षतिग्रस्त मोबाइल और इंटरनेट कनेक्टिविटी को बहाल करने में बड़ी सफलता हासिल की. सेना के सिग्नलर दल ने कठिन परिस्थितियों में ऑप्टिकल फाइबर केबल की मरम्मत की, जिससे क्षेत्र में संचार व्यवस्था फिर से शुरू हो गई. यह केबल मुख्य रूप से सेना के संचार के लिए थी, लेकिन इसके बहाल होने से स्थानीय लोगों और प्रशासन को भी राहत मिली. इसी दौरान, लिमचिगाड़ के पास बाढ़ से टूटे पुलों की मरम्मत भी रात में बारिश के बीच पूरी की गई. यह कार्य सेना और सिविल प्रशासन की संयुक्त टीम ने किया, जिससे आवाजाही बहाल हो सकी.
राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) भी बचाव कार्य में सक्रिय है. अत्याधुनिक उपकरणों, जैसे विक्टिम लोकेटिंग कैमरा और थर्मल इमेजिंग कैमरा, का उपयोग करते हुए मलबे में फंसे लोगों की तलाश की जा रही है. डॉग स्क्वॉड भी इस मिशन में शामिल हैं. अब तक पांच लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 50 लोग अभी भी लापता हैं. वहीं, चारधाम यात्रा इस आपदा के कारण प्रभावित हुई है और कई जगहों पर मार्ग अवरुद्ध हैं.
यह भी पढ़ें: हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में फटा बादल, मणिकर्ण घाटी में आई बाढ़, देशभर में भारी बारिश का IMD का अलर्ट जारी
राज्य सरकार ने कहा है कि प्रभावित इलाकों में न केवल बचाव दल बल्कि सभी प्रकार की राहत सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है. सेना, SDRF और आईटीबीपी के संयुक्त प्रयासों से स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है.
इनपुट ANI
अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें हमारे गूगल, फेसबुक, x, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से.