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राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष के इस आरोप का जवाब देते हुए जेपी नड्डा ने कहा कि यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण थी और क्लीयर किया कि इसमें भाजपा के कार्यकर्ता शामिल नहीं थे. उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि मामले की जांच कराई जाएगी.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की शनिवार (8 अगस्त) को उत्तराखंड के हल्द्वानी में विजय शंखनाद रैली थी. इस रैली के दो दिन बाद 10 अगस्त को एक हिंदूवादी संगठन 'श्री राम सेना' ने रैली स्थल पर शुद्धिकरण हवन किया. इस पर कांग्रेस अध्यक्ष भड़क गए और उन्होंने राज्यसभा में कहा कि इस देश में दलितों के लिए कोई जगह नहीं है.
राज्यसभा में नेता विपक्ष खड़गे ने कहा, 'हम हमेशा से यही कहते आए हैं कि इस देश में दलितों के लिए कोई जगह नहीं है. वे धर्म के नाम पर सबको बांट रहे हैं. वहां 'हवन' की क्या जरूरत थी?' उन्होंने किसी का नाम लिए बिना कहा, 'रामलीला मैदान सभी दलों द्वारा सार्वजनिक सभाओं के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला स्थान है, लेकिन उन्होंने जो किया वह, पहली बात तो हिंदू धर्म के ही खिलाफ है. दूसरी बात वे देश को बांटने और जातियों के बीच संघर्ष भड़काने का काम कर रहे हैं.'
मैं इस बात को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाना चाहता।
— Mallikarjun Kharge (@kharge) August 13, 2026
मैंने कभी किसी से यह नहीं कहा कि मैं दलित हूँ, मेरी रक्षा करो और न ही किसी के सामने गिड़गिड़ाया। मुझ में लड़ने की शक्ति है और मैं लड़ता हूँ।
लेकिन हल्द्वानी में स्टेज का शुद्धिकरण कर मुझे Untouchability का एहसास कराया गया और मेरा… pic.twitter.com/dSdbjiaV0H
संविधान की रक्षा कैसे कर रहे हैं? खरगे ने सरकार से पूछा
कांग्रेस अध्यक्ष ने मानसून सत्र के आखिरी दिन गुरुवार को संसद में यह मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा, 'मैं हल्द्वानी में था, जहां मैंने रामलीला मैदान में एक जनसभा की. लाखों लोग वहां मौजूद थे. उस समय मैंने किसी भी समुदाय या धर्म का नाम नहीं लिया. मैंने केवल सरकार के मुद्दों को दोहराया, लेकिन मेरे भाषण के बाद भाजपा के लोगों ने उस मंच को 'शुद्ध' करने के लिए वहां हवन किया. क्या लोकतंत्र में यही तरीका चलता है? आप संविधान की रक्षा कैसे कर रहे हैं? मैं विपक्ष का नेता हूं.'
जेपी नड्डा ने संसद में दिया जवाब
राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष के इस आरोप का जवाब देते हुए जेपी नड्डा ने कहा कि यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण थी और क्लीयर किया कि इसमें भाजपा के कार्यकर्ता शामिल नहीं थे. उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि मामले की जांच कराई जाएगी.
हिंदूवादी संगठन के खिलाफ एक्शन क्यों नहीं लिया? गोदियाल ने पूछा
उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि 'श्री राम सेना' संगठन बीजेपी से जुड़ा हुआ है. हालांकि बीजेपी ने इस आरोप को खारिज कर दिया है. गोदियाल ने दावा किया कि यह हवन इसलिए किया गया क्योंकि खड़गे दलित समुदाय से हैं और उन्होंने बीजेपी पर जाति के नाम पर समाज को बांटने का आरोप लगाया.
गोदियाल ने नैनीताल के एसएसपी से भी पूछा कि उन्होंने हिंदूवादी संगठन के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की. उन्होंने कहा, 'यह घटना जाति आधारित भेदभाव और संकीर्ण मानसिकता को दर्शाती है. कांग्रेस मानवता, समानता और भाईचारे में विश्वास रखती है, जबकि ऐसी घटनाएं समाज में नफरत और विभाजन को बढ़ावा देती हैं. आधुनिक लोकतांत्रिक भारत में भेदभाव और छुआछूत के लिए कोई जगह नहीं है.
बीजेपी का कांग्रेस को जवाब
इन आरोपों का जवाब देते हुए बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री खजान दास ने दावा किया कि रामलीला मैदान में खड़गे की रैली के दौरान कुछ नारे लगाए गए, जिससे सनातन समुदाय की भावनाएं आहत हुईं. उन्होंने आगे कहा कि रामलीला मैदान धार्मिक महत्व का स्थान है और वहां दूसरे धर्म से संबंधित नारे लगाने से लोग नाराज थे. भाजपा ने कांग्रेस के इस आरोप को भी खारिज कर दिया कि शुद्धिकरण की घटना खरगे की जाति से संबंधित थी. वहीं दास ने कांग्रेस पर सीताराम केसरी, बाबू जगजीवन राम और डॉ. भीमराव अंबेडकर जैसे दलित नेताओं का अपमान करने का आरोप लगाया.
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